बड़ूही (ऊना)। बड़ूही में शिव पुराण महाकथा के आठवें दिन कथावाचक सुरेंद्र शास्त्री ने भगवान शिव के विभिन्न रूपों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान शिव केवल एक देवता नहीं, बल्कि ब्रह्मांड के कण-कण में व्याप्त हैं। हर तत्व में भगवान शंकर का वास है और वह हर रूप में अपने भक्तों का कल्याण करते हैं।
शास्त्री ने भगवान शिव के विभिन्न रूपों के बारे में विस्तार से बताया। उनके सौम्य रूप से लेकर रुद्र रूप तक का वर्णन किया गया। कथा में विशेष रूप से यह बताया गया कि भगवान शिव अपने भक्तों की कड़ी परीक्षा किस प्रकार लेते हैं। उन्होंने उदाहरण के तौर पर कई कथाएं सुनाईं। शास्त्री ने बताया कि भगवान शिव अपने भक्तों की निष्ठा और समर्पण को पहचानते हैं और उनके सच्चे प्रेम को कभी नकारते नहीं हैं। इस दौरान भक्तगण भी मंत्रमुग्ध होकर शिव महिमा का गुणगान करते रहे। श्रद्धालुओं ने शास्त्री की वाणी में भगवान शिव के विभिन्न रूपों को सुना और जीवन में उनका अनुसरण करने का संकल्प लिया। इसके उपरांत भंडारे का आनंद लिया।