ऊना। जिले में खाद्य पदार्थों की मौके पर जांच के लिए उपलब्ध करवाई गई मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन लंबे समय से धूल फांक रही है। वैन के संचालन के लिए आवश्यक स्टाफ उपलब्ध न होने के कारण इसका लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। संवाद न्यूज एजेंसी की ओर से अमर उजाला में इस मामले को प्रमुखता से उठाया गया था। इसके बाद जिला प्रशासन ने वैन को जल्द शुरू करवाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने इस मामले को लेकर स्वास्थ्य सचिव को मांगपत्र भेजा है।
मोबाइल वैन के शुरू होने से खाद्य सुरक्षा विभाग को मिठाइयों, दूध एवं दुग्ध उत्पादों, खाद्य तेल, मसालों और अन्य खाद्य पदार्थों की मौके पर प्राथमिक जांच करने में सुविधा मिलेगी। त्योहारी सीजन के दौरान मिलावटखोरी पर नजर रखने के लिए भी यह वैन महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। वर्तमान में विभाग की टीमों को खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजने पड़ते हैं जबकि मोबाइल वैन के संचालन से मौके पर ही जांच की सुविधा उपलब्ध होगी। वैन उपलब्ध होने के बावजूद इसके संचालन के लिए आवश्यक कर्मचारियों की तैनाती नहीं होने से इसका लोगों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। अब वैन को नियमित रूप से फील्ड में उतारने के लिए स्टाफ की तैनाती की मांग उपायुक्त के माध्यम से विभाग के समक्ष उठाई गई है। विभाग से कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है ताकि लंबे समय से खड़ी वैन का इस्तेमाल शुरू हो सके। खासकर त्योहारों और मेलों के दौरान खाद्य पदार्थों की बिक्री बढ़ने पर ऐसी मोबाइल जांच सुविधा की जरूरत और अधिक बढ़ जाती है। बता दें कि पंजाब के साथ सटा होने से ऊना जिले में बाहरी राज्यों से विभिन्न खाद्य पदार्थ जिले में पहुंचते हैं। ऐसे में जांच न होने पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर समय-समय पर शिकायतें सामने आती रहती हैं।
मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन के संचालन के लिए स्वास्थ्य सचिव को मांगपत्र भेजा गया है। उम्मीद है कि जल्द ही स्टाफ की तैनाती के बाद वैन का संचालन सुचारु रूप से हो सकेगा।
-जतिन लाल, उपायुक्त ऊना