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Una News: कब्जे के बावजूद रिकाॅर्ड में मालिकाना हक से वंचित

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लडोली पंचायत के भवरन गांव के 40 परिवार परेशान
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। देश को आजाद हुए 75 वर्ष से अधिक समय बीत चुका है। इस बीच सरकारों की ओर से राजस्व संबंधित समस्याओं के निपटारे के लिए कई नए नियम बनाए और बदलाव भी किए गए। इसके बावजूद उपमंडल अंब की ग्राम पंचायत लडोली के तहत आते गांव भवरन (कंगरूही) के लोगों की समस्या का कोई हल नहीं हो पाया है। गांव के करीब 30 से 40 परिवार पुश्तैनी कब्जे होने के बावजूद राजस्व रिकाॅर्ड में मालिकाना हक और कब्जे से वंचित हैं। इस समस्या को लेकर ग्राम पंचायत से प्रस्ताव पारित कर कई बार उच्च अधिकारियों को भेजे गए लेकिन विभाग अभी तक ग्रामीणों की समस्या का हल करने में नाकाम साबित हुआ है।
ग्राम पंचायत लडोली के गांव भवरन (कंगरूही) के राजस्व रिकाॅर्ड और जमाबंदी दस्तावेजों के मुताबिक गांव में मालिक परिवारों के नाम तो दर्ज किए गए हैं लेकिन जमीन में जो लोग दशकों से मकान बनाकर रह रहे हैं उनकी कोई रिकाॅर्ड दर्ज नहीं किया गया है। ऐसे में मालिक सदस्य आबादियों की खरीद-फरोख्त कर देते हैं। दस्तावेज में (खाना काश्त) के कॉलम में इन मालिक सदस्यों का कोई कब्जा नहीं है। इस कॉलम में बशिंदगान दस्तावेज में दर्ज किया गया है। इसके बावजूद राजस्व विभाग की ओर से दशकों से रह रहे स्थानीय लोगों को मालिकाना हक तो दूर जमाबंदी रिपोर्ट में कब्जाधारकों के नाम तक दर्ज नहीं किए गए हैं। इस मामले में यह भी एक बड़ा सवाल है कि जब जमीन मालिक किसी व्यक्ति को जमीन बेचता है तो उस समय में राजस्व अधिकारी बेचने और खरीदने वाले से मौके पर जमीन पर किसका कब्जा है, इसके बारे में सत्यापन करवाता है लेकिन धरातल पर कब्जा किसी दूसरे व्यक्ति का होता है। इस मामले पर ग्रामीणों ने जांच करने की मांग की है।
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ग्राम पंचायत में 30 से 40 परिवार ऐसे में जो कई दशकों से स्थायी निवासी हैं लेकिन इन परिवारों को भूमि का मालिकाना हक राजस्व रिकाॅर्ड के अनुसार नहीं मिल पा रहा है। मामला गंभीर है। इस पर कई बार प्रस्ताव पारित कर उच्च अधिकारियों को भेजे गए हैं लेकिन लोगों की समस्या का हल अभी तक नहीं हो पाया है। -बलविंद्र सिंह, प्रधान ग्राम पंचायत, लडोली

यह मामला मेरे ध्यान में आया है। इसकी गहनता से जांच की जाएगी। ग्रामीणों को उनके हक दिलवाने का पूरा प्रयास किया जाएगा। -जतिन लाल, उपायुक्त, ऊना।
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