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Una News: बच्चों में बढ़ीं दांतों की बीमारियां, हर माह 300 से अधिक पहुंच रहे ओपीडी

सार

ऊना के क्षेत्रीय अस्पताल में हर माह लगभग 300 बच्चे दांतों की समस्याओं के इलाज के लिए आ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, जंक फूड और दांतों की सही सफाई न करना इसका मुख्य कारण है। इससे बच्चों में दांत कमजोर और संक्रमित हो रहे हैं।
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विस्तार
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जंक फूड का प्रयोग, दांतों को रोजाना साफ न करना मानी जा रही बड़ी वजह
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कैल्शियम और प्रोटीन की कमी से भी दांत हो रहे कमजोर
आशुतोष डाेगरा
ऊना। अधिक जंक फूड खाने और दांतों की नियमित सफाई न करने से बच्चों में दांतों की बीमारियां लगातार बढ़ रही हैं। क्षेत्रीय अस्पताल की डेंटल ओपीडी में हर माह करीब 300 बच्चे दांतों की विभिन्न समस्याओं के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार समय से पहले दांत टूटना, दांतों में इंफेक्शन होना और कैल्शियम की कमी के कारण दांतों का कमजोर होना प्रमुख समस्याएं हैं। पहले ये समस्याएं बुजुर्गों में देखने को मिलती थीं, लेकिन अब कम उम्र के बच्चे भी इससे पीड़ित हो रहे हैं। बच्चों में दांतों के एलाइनमेंट में गड़बड़ी के मामले भी बढ़ रहे हैं।
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डॉक्टरों का कहना है कि केक, पेस्ट्री, चॉकलेट्स, कैंडी, जंक फूड और सॉफ्ट ड्रिंक्स में मौजूद रिफाइंड शुगर दांतों पर बैक्टीरिया की वृद्धि करते हैं। इससे कैविटी और सड़न बढ़कर दांतों की सतह को कमजोर कर देती है। वहीं, कोल्ड ड्रिंक का अधिक सेवन दांतों की ऊपरी परत (इनेमल) को नुकसान पहुंचाता है।
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कोट्स
क्षेत्रीय अस्पताल की डेंटल ओपीडी में हर माह करीब 300 बच्चे दांतों की विभिन्न समस्याओं से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं। इसके पीछे गलत खान-पान सबसे बड़ा कारण है। आजकल बच्चे जंक फूड का अधिक सेवन करते हैं। कैल्शियम और प्रोटीन की कमी से भी दांत कमजोर हो जाते हैं। इसके अलावा अभिभावकों में दांतों की सफाई को लेकर जागरूकता की कमी है। -डॉ. कपिल भरवाल, वरिष्ठ दंत चिकित्सक, क्षेत्रीय अस्पताल ऊना
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