ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में हिमाचल मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन (एचएमओए) और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने महिला चिकित्सक डॉ. प्रियंका का निलंबन रद्द करने की मांग उठाई है। एचएमओए ऊना के अध्यक्ष डॉ. महेश्वर राय ने कहा कि बिना जांच पूरी किए और मौत के कारणों का पता लगाए बिना चिकित्सक को जिम्मेदार ठहराना गलत है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके वर्मा के साथ अभद्रता करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की।
डॉ. महेश्वर राय ने कहा कि महिला चिकित्सक ने जच्चा-बच्चा को बचाने के लिए पूरा प्रयास किया था। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले चिकित्सक को दोषी ठहराना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग पेट्रोल लेकर पहुंचे थे और मौके पर डॉ. प्रियंका व उनके परिवार को आग लगाने की धमकी भी दी गई। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों के साथ इस तरह का व्यवहार चिंताजनक है। मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जांच के आधार पर ही जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। इस मौके पर आईएमए ऊना के अध्यक्ष डॉ. राकेश अग्निहोत्री, डॉ. चेतन मोदगिल, डॉ. सूर्या, डॉ. रितेश सोनी, डॉ. हरजिंद्र, डॉ. मलिक, डॉ. आशीष शर्मा, डॉ. संजीव धीमान, डॉ. ललित, डॉ. सुधी कौंडल, इंगित परमार, राधिका शर्मा, वंदना, ईशा, भानु प्रिया, अभिषेक, सृष्टि शर्मा, डॉ. कनिका अत्री, डॉ. रमन कुमारी, डॉ. अधीष गौतम, डॉ. करण सांख्यान, अरुण, पुनीत बंसल, मैट्रन अंजु राणा, मैट्रन अंजु केशव, डॉ. ऋषि सहोड़, पंकज, राजेश कुमार और डॉ. विकास सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।