ऊना। जिला के स्कूलों में ड्रॉपआउट चल रहे या 30 दिन से लगातार अनुपस्थित विद्यार्थियों की जानकारी मांगी गई है। यह जानकारी बाल संरक्षण अधिकारी की ओर से मांगी गई है। इसको लेकर एक पत्र भी शिक्षा विभाग को जारी किया गया है। इसके बाद सभी स्कूलों को ऐसे बच्चों का आंकड़ा जुटाने और उसे समय पर भेजना सुनिश्चित करने को कहा गया।
जानकारी के अनुसार कई परिस्थितियों में ड्रॉपआउट और लगातार अनुपस्थित चल रहे बच्चे छोटी उम्र में शिक्षा छोड़कर बाल मजदूरी में पड़ जाते हैं। ऐसे बच्चों का भविष्य न खराब हो, इसका विशेष ध्यान रखते हुए बाल संरक्षण अधिकारी की ओर आंकड़ा मंगवाया जाता है। इसी प्रक्रिया के तहत सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र में अप्रैल माह से लेकर अगस्त तक ड्रॉपआउट और लगातार अनुपस्थित रहे विद्यार्थियों का आंकड़ा जारी कर दिया जाए।
शिक्षा विभाग ने इसकी सूचना सभी स्कूलों को जारी कर दी है। उच्च शिक्षा विभाग के उपनिदेशक राजेंद्र कौशल व उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा सोमलाल धीमान ने बताया कि बच्चों को शिक्षा के अधिकार से किसी कीमत पर दूर नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही बाल संरक्षण अधिकारी के दिशा निर्देशों की पालना भी लगातार की गई है।
कोट्स
Iस्कूलों में पढ़ाई करने वाले बच्चों को किसी अधिकार से वंचित न रहना पड़े, इसके लिए सालभर विशेष प्रयास किए जाते हैं। बाल मजदूरी रोकने के लिए उद्योग, दुकानों सहित अन्य कार्यस्थलों का निरीक्षण भी किया जाता है। कई बार बच्चे पढ़ाई छोड़कर छोटी उम्र में मजदूरी करने लगते हैं। ऐसी परिस्थितियों से बच्चों को दूर करने के लिए ही स्कूलों से समय समय पर फीडबैक लेकर कार्यवाही की जाती है।I
कमलदीप, जिला बाल संरक्षण अधिकारी