दौलतपुर चौक (ऊना)। शिमला के संजौली में हिंदुओं पर लाठीचार्ज और अवैध मस्जिद के विरोध में वीरवार को दौलतपुर चौक में प्रदर्शन किया गया। इसमें सभी हिन्दू संगठन तथा आसपास के गांवों के हिंदू समाज के लोग शामिल हुए।
इस दौरान सभी ने मिलकर एक आवाज में शिमला में हुए निहत्थे हिंदुओं पर लाठीचार्ज पर शिमला प्रशासन की निंदा की। प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे यति सत्यदेवानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि अब प्रदेश में जितने भी अवैध मस्जिद और मदरसे तथा अवैध लोग रह रहे हैं, सभी को यहां से बाहर किए जाने तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा। कहा कि हिमाचल प्रदेश की सभी पार्टियां ऐसे मामलों में अपना पक्ष तय करें कि वह हिमाचलियों के साथ हैं या घुसपैठियों के साथ। उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर इल्जाम लगाकर केवल राजनीति कर रही हैं, लेकिन हिमाचलियों के साथ कोई नहीं है। आंदोलनकारियों ने दौलतपुर चौक बाजार के स्थाई निवासियों तथा प्रशासन को एक सप्ताह का समय देकर कहा है कि वह अपने किरायेदार और कामगारों की पहचान करें, नहीं तो हम अपनी सुरक्षा के लिए खुद इनको बाहर करेंगे।
वक्फ बोर्ड के संशोधन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि 1947 में बंटवारे के वक्त मुस्लिमों को पाकिस्तान देश दे दिया है। उसके बाद सत्ताधारियों ने राजनीतिक के लिए वक्फ बोर्ड बना दिया और मनमाने अधिकार दे दिए। अब इसका संशोधन नहीं, बल्कि निरस्त किया जाना चाहिए। इस अवसर पर यति सत्यदेवानंद सरस्वती महाराज के साथ संदीप शर्मा, मनु, करण शर्मा, महेंद्र सिंह, रमनीश, अजय, जीवन कुमार, प्रदीप शर्मा, अशोक, सुरेश सोनी सहित अन्य उपस्थित रहे।