बाल कल्याण समिति ऊना की त्रैमासिक बैठक में मौजूद उपायुक्त जतिन लाल व अन्य।स्रोत विभाग
ऊना। उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) को निर्देश दिए कि बच्चों से संबंधित कोई भी मामला संज्ञान में आते ही तुरंत उनकी जानकारी में लाया जाए, ताकि समय पर उचित समाधान सुनिश्चित किया जा सके। यह निर्देश उन्होंने सोमवार को आयोजित बाल कल्याण समिति की त्रैमासिक बैठक में दिए गए।
बाल कल्याण समिति ऊना की त्रैमासिक बैठक की उपायुक्त जतिन लाल ने की। इसमें उपायुक्त ने बाल कल्याण समिति द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की और बच्चों से संबंधित मामलों के समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष मीनाक्षी राणा ने बताया दी कि फोस्टर केयर और स्पॉन्सरशिप योजना के तहत अब तक 41 बच्चों को सहायता प्रदान की गई है।
वर्तमान में ऊना जिले में दो बाल संरक्षण और देखभाल संस्थान, प्रेम आश्रम और विशेष विद्यालय, समूर कलां में संचालित हैं। समिति इन संस्थानों का हर महीने दो बार निरीक्षण करती है ताकि बच्चों की देखभाल सही तरीके से हो सके। साथ ही, समिति बच्चों को अच्छे मूल्यों को अपनाने और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए जागरूकता शिविरों का आयोजन करती है। इसके अलावा, समिति पोक्सो एक्ट, जेजे एक्ट और बाल विवाह निषेध कानून के तहत स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाती है। इस बैठक में जिला बाल संरक्षण अधिकारी कमलदीप सिंह सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।