ऊना। जिले में करवाचौथ का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। वीरवार देर शाम सज-धज कर निकलीं महिलाओं ने चांद और पति का दीदार करने के बाद ही अन्न-जल ग्रहण किया। अखंड सौभाग्य के प्रतीक करवाचौथ पर्व पर परंपरा के मुताबिक सुहागिनों ने सुबह चार बजे सरगी का सेवन कर उपवास की शुरूआत की।
इसके बाद दिन भर पति की रक्षा के लिए रोटी का निवाला तो दूर पानी का घूंट तक हलक से नीचे नहीं उतारा। इससे पहले सुहागिनों ने अपने सुहाग की रक्षा के लिए एक-दूसरे को सुहागियां बांटीं। सुहागिनों को सुहागियों के साथ-साथ अन्य शृंगार सामग्री भी वितरित की गईं। कई सुहागिनों ने चिंतपूर्णी, दुर्गामाता मंदिर, शीतला माता मंदिर एवं स्थानीय गीता माता मंदिर सहित माता के अन्य मंदिरों में भी शृंगार सामग्री चढ़ाई।
महिलाओं ने मंदिरों में माथा भी टेका। कई जगह पति-पत्नी साथ-साथ मंदिरों में आशीर्वाद लेने पहुंचे। चौथ माता की महिमा का गुणगान करने के लिए दर्जनों महिलाएं एक स्थान पर एकत्रित हुईं और कथा भी सुनी गई। पति की लंबी उम्र के लिए महिलाओं ने व्रत भी रखे। अंजना, रजनी, नीलाम, हिमानी, ममता, पूजा, आकांक्षा, जसप्रीत, मोनिका, अनु, सोनिया, नेहा, अनीता, इंदू, निशा, प्रिया, कमलेश, अनुराधा ने कहा कि उन्होंने मंदिरों में शीश नवाकर पति की लंबी उम्र की कामना की।
नंगल में सुहागिनों ने बटाई थाली
नंगल। करवाचौथ व्रत को लेकर क्षेत्र में भारी उत्साह देखने को मिला। अपने पति की लंबी आयु के लिए पूरे विधि विधान से व्रत रखने वाली महिलाएं दिन भर निराहार रहीं। महिलाओं ने मेहंदी और अन्य तरह का शृंगार करके देर शाम पूजा-अर्चना की। व्रत की कथा सुनने के बाद थाली बटाने की रस्म अदा की। पहले यह व्रत हिंदू समुदाय की सुहागिन महिलाएं ही रखा करती थीं लेकिन बदलते समय में इस व्रत को अच्छे वर की कामना करते हुए इसे कुंवारी लड़कियों ने भी अपना लिया। दूसरे धर्मों की महिलाएं भी व्रत रखने लगी हैं।