ऊना। गोबिंद सागर की लहरों पर क्रूज चलाने और पर्यटकों को पानी के बीच ठहरने का रोमांच देने की योजना टेंडर की अड़चनों से बाहर नहीं निकल पा रही है। कुटलैहड़ के अंदरोली में क्रूज सहित वॉटर स्पोर्ट्स और हॉस्पिटैलिटी गतिविधियों के संचालन के लिए तीसरी बार आमंत्रित किए गए टेंडर की टेक्निकल बिड बुधवार को खुली। इस बार केवल एक ही कंपनी ने भाग लिया। ऐसे में जिला प्रशासन का गोबिंद सागर में तैरने से पहले ही क्रूज हिचकोले खाता नजर आ रहा है।
सोसायटी के अनुसार क्रूज संचालन को लेकर किए गए टेंडर में पर्याप्त प्रतिस्पर्धा नहीं बनने के कारण अब दोबारा टेंडर प्रक्रिया अपनानी होगी।
बता दें कि कुटलैहड़ टूरिज्म डेवलपमेंट सोसायटी के माध्यम से गोबिंद सागर झील में क्रूज, वॉटर स्पोर्ट्स और हॉस्पिटैलिटी गतिविधियां शुरू करने की योजना है। इसके तहत चयनित ऑपरेटर को 15 साल के लिए संचालन का लाइसेंस दिया जाना प्रस्तावित है। परियोजना का मुख्य आकर्षण क्रूज में रात को ठहरने की सुविधा है। इससे पर्यटक दिन में झील की सैर और जल गतिविधियों का आनंद लेने के बाद रात भी पानी के बीच गुजार सकेंगे।
पहली बार आमंत्रित किए गए टेंडर में भाग लेने वाली एक भी कंपनी टेंडर की शर्ताें को पूरा नहीं कर पा रही थी। इसे देखते हुए टेंडर की शर्तों में बदलाव किया गया लेकिन इसके बावजूद कंपनियां इसमें रचि नहीं दिखा रहीं है।
पहले टेंडर में तीन कंपनियाें ने लिया था भाग
कुटलैहड़ क्षेत्र के तहत गोबिंद सागर में क्रूज चलाने की परियोजना को लेकर पहली टेंडर प्रक्रिया में तीन कंपनियों ने भाग लिया था लेकिन कोई भी निर्धारित शर्तों को पूरा नहीं कर पाई। इसके कारण दोबारा टेंडर आमंत्रित किए गए लेकिन इस टेंडर में तकनीकी खामियों के कारण आवेदनकर्ता ऑनलाइन टेंडर भरने की प्रक्रिया के दौरान बीओक्यू नहीं भर पाए। तकनीकी खामियां दूर नहीं हो सकीं। इसके कारण इस टेंडर प्रक्रिया को रद्द कर तीसरी बार टेंडर आमंत्रित किए गए थे। इस बार एक ही कंपनी सामने आई।
क्रूज संचालन परियोजना की टेंडर प्रक्रिया में एक कंपनी ने भाग लिया है। नियमों के अनुसार कम से कम तीन कंपनियों का होना जरूरी है। अब ऐसे में दोबारा से टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे।
- जतिन लाल, उपायुक्त ऊना