मेफील्ड एडवेंचर्स ने 80 लाख 500 रुपये की सर्वाधिक बोली लगाकर किया अनुबंध
पर्यटकों को गोवा की तर्ज पर जल यात्रा का मिलेगा रोमांचक अनुभव
गोबिंद सागर झील में पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
संवाद न्यूज एजेंसी
थानाकलां (ऊना)। हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध गोबिंद सागर झील को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। कुटलैहड़ टूरिज्म डेवलपमेंट कमेटी इस झील को एडवेंचर टूरिज्म का केंद्र बनाने के लिए प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में अंदरोली क्षेत्र में क्रूज सेवा शुरू करने की योजना बनाई गई है। इससे पर्यटकों को गोवा जैसी जल यात्रा का रोमांचक अनुभव मिलेगा। इसके अलावा झील में जल्द ही वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां भी शुरू की जाएंगी। वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों के संचालन के लिए मेफील्ड एडवेंचर्स को अनुबंध सौंपा गया है। जिला प्रशासन की ओर से पारदर्शी निविदा प्रक्रिया के माध्यम से इस अनुबंध को अंतिम रूप दिया गया। मेफील्ड एडवेंचर्स ने 80 लाख 500 रुपये की सर्वाधिक बोली लगाकर अनुबंध प्राप्त किया। अब जल्द ही झील में साहसिक खेल की गतिविधियां शुरू की जाएंगी। कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू प्रदेश में पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए विशेष ध्यान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अपने हालिया दौरे में प्रशासन को निर्देश दिए कि जल्द से जल्द पर्यटन सुविधाओं को विकसित किया जाए, ताकि रोजगार और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।
स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार
पर्यटन विकास के साथ क्षेत्र के युवाओं को गाइड, बोट ऑपरेटर, होटल व्यवसाय और अन्य सेवाओं में रोजगार के अवसर मिलेंगे। इसके अलावा, स्थानीय उत्पादों को नया बाजार मिलेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।
कुटलैहड़ टूरिज्म डेवलपमेंट कमेटी का लक्ष्य है कि गोबिंद सागर झील को हिमाचल प्रदेश के सबसे प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल किया जाए। आने वाले वर्षों में इसे एक इको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। यह पहल न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि झील की प्राकृतिक सुंदरता को भी संरक्षित रखते हुए इसे रोमांचक और आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करेगी।