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Una News: हाइड्रेंट सिस्टम पर दोबारा करोड़ों खर्चे, नहीं मिला अग्निशमन केंद्र

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इस साल गेहूं की फसल को आग से हुआ भारी नुकसान, समय पर नहीं पहुंची फायर ब्रिगेड
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पूर्व बीडीसी सदस्य मनोज कपूर ने वर्तमान व्यवस्था पर उठाए सवाल





संवाद न्यूज एजेंसी





घनारी (ऊना)। उपमंडल गगरेट के दौलतपुर चौक और कस्बे में करोड़ों की लागत से हाइड्रेंट सिस्टम लगाए जा रहे हैं लेकिन आज तक यहां स्थायी अग्निशमन केंद्र तक नसीब नहीं हो पाया। यही नहीं पहले से लगाए गए हाइड्रेंट सिस्टम का कोई नामोनिशान तक नहीं है। जनता की खून-पसीने की कमाई को दोबारा इसी योजना में झोंका जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक गगरेट में 2.31 करोड़ और दौलतपुर चौक में 1.10 करोड़ रुपये की लागत से हाइड्रेंट सिस्टम दोबारा स्थापित किए जा रहे हैं। हकीकत यह है कि इन दोनों कस्बों में पहले भी यही सिस्टम लगाए गए थे। आज उनकी कोई स्थिति स्पष्ट नहीं है, न उनका कोई उपयोग हुआ और न ही कोई रखरखाव। वास्तविक जरूरत गगरेट में स्थायी अग्निशमन केंद्र की है। हाल ही में क्षेत्र के कुनेरन और गोंदपुर बनेहड़ा सहित उपमंडल के कई गांवों में खेतों में आग की घटनाएं हुई। यदि गगरेट में फायर स्टेशन होता तो समय पर आग पर काबू पाया जा सकता था और किसानों की सैकड़ों कनाल में फैली गेहूं की फसलें नहीं जलतीं। सोमवार को गगरेट उपमंडल के गांव नकड़ोह में 200 कनाल भूमि पर आग लगी और अंब से केवल एक ही फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची और वह भी समय पर नहीं।
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पूर्व ब्लॉक समिति सदस्य मनोज कपूर ने सवाल उठाया कि जब गगरेट जैसे बड़े और संवेदनशील क्षेत्र में आज तक फायर ब्रिगेड की सुविधा उपलब्ध नहीं है तो बार-बार हाइड्रेंट सिस्टम पर करोड़ों खर्च करने का औचित्य क्या है। पूर्व बीडीसी सदस्य ने मांग की है कि गगरेट में स्थायी अग्निशमन केंद्र की स्थापना को प्राथमिकता दी जाए और पहले लगाए गए हाइड्रेंट सिस्टम की स्थिति की जांच कर जवाबदेही तय की जाए।
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