स्थानीय पुलिस चौकी के तहत एक गांव में बाल विवाह का मामला सामने आया है। मामला एक ऐसी गरीब लड़की का है, जिसकी उम्र साढे़ सत्रह साल है। पिता का साया सिर से उठ जाने के बाद गरीब मां ने उसकी उम्र को ध्यान में न रखते हुए उसकी शादी तय कर दी और सोमवार को बारात भी क्षेत्र के अंतर्गत एक गांव से आनी थी। लेकिन, ऐन वक्त पर प्रशासन को सूचना मिलने पर अधिकारी मौके पर पहुंच गए और मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए इस बाल विवाह को रुकवाया। जानकारी के मुताबिक मौके पर एसडीएम अंब सुनील वर्मा, डीएसपी अजय राणा, चौकी प्रभारी हरजीत सिंह के अतिरिक्त स्थानीय पंचायत के पदाधिकारी भी पहुंचे।
लड़की के बाल विवाह के गंभीर विषय को देखते हुए उसकी जन्म तिथि रिकॉर्ड को अधिकारियों ने जांचा और लड़की के नाबालिग होने पर उसकी शादी को रुकवा दिया। जानकारी के मुताबिक चौकी प्रभारी हरजीत सिंह अपनी पुलिस टीम के साथ सोमवार रात्रि दो बजे तक लड़की के घर पर डटे रहे, क्योंकि पुलिस को अंदेशा था कि कहीं रात को प्रशासन के आदेशों को नजरअंदाज करते हुए नाबालिग की शादी न कर दी जाए। उधर, चौकी प्रभारी हरजीत सिंह ने बताया कि पुलिस सोमवार रात्रि 2 बजे तक विवाह स्थल पर तैनात रही और शादी न करने के लिए समझाया। उन्होंने कहा कि बाल विवाह का उक्त मामला प्रथम दृष्टि में अज्ञानतावश लग रहा है। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दज कर लिए हैं और जांच जारी है।