ऊना। सरकार ने एचआरटीसी के चालकों और परिचालकों को वर्दी में ड्यूटी करने के आदेश तो जारी कर दिए लेकिन सरकार खुद वर्दी देना ही भूल गई। सरकार ने पिछले दो वर्षों से चालक और परिचालकों को वर्दी का कपड़ा नहीं दिया है। ऐसे में हालात यह हैं कि चालक और परिचालक या अपने पैसों से वर्दी खरीदनी पड़ रही है या फिर पुरानी वर्दी से ही काम चलाना पड़ रहा है। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि जब निगम खुद वर्दी उपलब्ध नहीं करवा पा रहा तो कर्मचारियों से नियमों के सख्ती से पालन की उम्मीद कैसे की जा सकती है।
एचआरटीसी में कार्यरत करीब 9 हजार चालक और परिचालक पिछले दो वर्षों से नई वर्दी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। निगम की व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को साल में दो बार वर्दी के लिए कपड़ा दिया जाता है। इसमें एक बार सर्दियों के मौसम के लिए गर्म कपड़ा और छह महीने बाद गर्मियों के लिए अलग कपड़ा दिया जाता है। चालक और परिचालक इस कपड़े को अपने नाप के अनुसार खुद सिलवाते हैं और फिर निर्धारित वर्दी पहनकर ड्यूटी देते हैं। चालक और परिचालकों के अलावा एचआरटीसी मैकेनिकों को भी निगम की ओर से वर्दी दी जाती है लेकिन मैकेनिक भी दो वर्षों से नई वर्दी का इंतजार कर रहे हैं।
-
पिछले करीब दो वर्षों से यह व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी हुई है। कई बार अधिकारियों के समक्ष यह मुद्दा उठाया गया मगर अभी तक वर्दी के लिए कपड़ा उपलब्ध नहीं करवाया गया। -ठाकुर मान सिंह, अध्यक्ष एचआरटीसी चालक संघ हिमाचल प्रदेश
-
बीते दो वर्षों से वर्दी नहीं दी गई है। ऐसे में आदेशों की पालना कैसे करें। दो साल पहले वर्दी दी गई तो उसके पैसे भी हमारे जेब ही काटे गए, तब से लेकर आज दिन तक वर्दी नहीं दी गई।
-महेंद्र कुमार, अध्यक्ष एचआरटीसी चालक संघ ऊना।
-
जल्द ही चालकों और परिचालकों को वर्दी मुहैया करवाई जाएगी। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
-अजय वर्मा उपाध्यक्ष, एचआरटीसी।