ऊना। मानसून की दस्तक से पहले ऊना शहर में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम ने नालों की सफाई का अभियान तेज कर दिया है। रविवार को शहर के विभिन्न हिस्सों में जेसीबी मशीनों की मदद से नालों में जमी गाद, प्लास्टिक कचरा और झाड़ियों को हटाने का कार्य शुरू किया गया।
निगम का दावा है कि समय रहते सफाई कार्य पूरा कर बारिश के दौरान लोगों को जलभराव की परेशानी से राहत दिलाई जाएगी। हर वर्ष बरसात के मौसम में शहर के कई क्षेत्रों में पानी भरने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
मुख्य बाजार, रिहायशी क्षेत्रों और सड़कों पर जलभराव के कारण यातायात प्रभावित होने के साथ दुकानदारों और स्थानीय निवासियों को नुकसान भी उठाना पड़ता है। इसी समस्या के समाधान के लिए इस बार निगम प्रशासन ने मानसून से पहले ही तैयारी शुरू कर दी है।
नगर निगम की टीमें शहर के प्रमुख नालों के साथ-साथ संपर्क नालियों की भी सफाई कर रही हैं। जेसीबी मशीनों की सहायता से वर्षों से जमा मिट्टी और गाद को बाहर निकाला जा रहा है, ताकि बारिश के दौरान पानी का बहाव बाधित न हो।
वहीं, नालों में फंसे प्लास्टिक और अन्य कचरे को भी हटाया जा रहा है, जो जल निकासी व्यवस्था में सबसे बड़ी रुकावट बनते हैं। निगम अधिकारियों के अनुसार उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां हर साल जलभराव की स्थिति अधिक गंभीर रहती है। सफाई कार्य की नियमित निगरानी भी की जा रही है, ताकि अभियान में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।
शहर में जलभराव रोकने के लिए नालों की सफाई शुरू कर दी गई है। लोगों से अपील है कि नालों और नालियों में कूड़ा-कचरा न फेंकें, ताकि जल निकासी व्यवस्था सुचारु बनी रहे। पृथी पाल सिंह, नगर निगम आयुक्त