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Una News: पीरनिगाह मंदिर का विवाद गरमाया, एमसी पार्क में गरजे ग्रामीण

Sat, 22 Aug 2026 11:29 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
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पीरनिगाह मंदिर के संचालन अधिकार को लेकर ग्राम पंचायत बसोली और जिला प्रशासन के बीच चल रहा विवाद
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ऊना। पीरनिगाह मंदिर के संचालन अधिकार को लेकर ग्राम पंचायत बसोली और जिला प्रशासन के बीच चल रहा विवाद अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। डीसी कार्यालय परिसर में धारा-163 लागू किए जाने के बाद शनिवार को बसोली पंचायत के ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए म्यूनिसिपल पार्क में धरना-प्रदर्शन किया। पंचायत प्रधान सतनाम सिंह, उपप्रधान नरेंद्र पाल धीमान और जिला परिषद सदस्य अनु ठाकुर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण पार्क में जुटे और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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शुक्रवार को डीसी कार्यालय परिसर में हुए हंगामे और ग्रामीण महिलाओं की ओर से उपायुक्त का घेराव किए जाने के बाद जिला प्रशासन ने शनिवार को कार्यालय परिसर में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 लागू कर दी थी। इसके तहत डीसी कार्यालय परिसर में एक साथ तीन से अधिक लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। प्रशासन के इस फैसले के बाद ग्रामीणों ने आंदोलन का स्थान बदलते हुए डीसी कार्यालय से करीब 100 मीटर दूर स्थित म्यूनिसिपल पार्क को धरना स्थल बना लिया।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन कार्यालय परिसर में उनके प्रवेश पर प्रतिबंध लगा सकता है लेकिन लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग उठाने से उन्हें नहीं रोक सकता। ग्रामीण दलीप कौर, नरेश कुमारी और गुरदेव सिंह ने कहा कि वे पिछले करीब तीन माह से मंदिर के संचालन अधिकार को लेकर प्रशासन के समक्ष अपनी मांग रख रहे। ग्रामीणों ने धारा 163 लागू किए जाने पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि प्रशासन इस कार्रवाई के माध्यम से उनके आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रहा है। ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि पीरनिगाह मंदिर का संचालन अधिकार ग्राम पंचायत बसोली को वापस सौंपे जाने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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पंचायत प्रधान सतनाम सिंह ने कहा कि पीरनिगाह मंदिर का संचालन लंबे समय से ग्राम पंचायत के माध्यम से होता रहा है। पंचायत चुनाव संपन्न होने के बाद नई पंचायत भी कार्यभार संभाल चुकी है। ऐसे में मंदिर का संचालन अधिकार पंचायत को वापस न सौंपना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि पंचायत और ग्रामीण लगातार प्रशासन से इस मामले में निर्णय लेने की मांग कर रहे हैं लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
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