ऊना। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने काजा में कृषि मंत्री का रास्ता रोकने पर महिलाओं समेत 200 लोगों पर एफआईआर को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। मुकेश ने कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री सार्वजनिक बयान दे रहे हैं कि प्रदेश की महिलाएं यह सुनिश्चित करें कि इलाके में ऐसा व्यक्ति न आए जो कोविड प्रोटोकॉल का पालन न कर रहा हो। दूसरी तरफ ऐसी सजग महिलाओं के खिलाफ मामले दर्ज किए जा रहे हैं।
प्रेस वार्ता में मुकेश ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा का दम भरने वाली सरकार का असली चेहरा सामने आ रहा है। अगर किसी मंत्री का रास्ता रोक लिया गया तो ऐसी क्या नौबत आ गई कि सरकार को मामले दर्ज करने पड़े। नेताओं को ऐसी घटनाओं को प्रतिष्ठा का विषय नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में लोगों को डराया-धमकाया जा रहा है। यह सब मुख्यमंत्री की शह पर हो रहा है। सीएम जयराम का हर फैसला इशारा करता है कि वह पुलिस का इस्तेमाल करेंगे। जो भी उनके रास्ते में आएगा वह पुलिस का इस्तेमाल करेंगे। विपक्ष को दबाने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री जवाब दें कि क्या लोकतांत्रिक प्रणाली में किसी मंत्री का रास्ता आम जनता नहीं रोक सकती।
उन्होंने कहा कि ये मामले तुरंत प्रभाव से वापस लिए जाने चाहिएं। कांग्रेस जनजातीय जिला की महिलाओं के साथ खड़ी है। उन्होंने कोरोना काल में पर्यटकों को प्रवेश की इजाजत देने पर भी सवाल उठाया। मुकेश ने कहा कि जब पूरा प्रदेश और देश इस महामारी के संकट से जूझ रहा है तो ऐसे में पर्यटन गतिविधियों को लेकर इजाजत देना जोखिम के स्तर को बढ़ाने के बराबर है।