कहा, बिना बयान के पुलिस ने उसके हवाले से दर्ज की शिकायत
शिकायतकर्ता ने कहा, उसने केवल घायलों की मदद की, पुलिस को कोई बयान नहीं दिया
संवाद न्यूज एजेंसी
जोल (ऊना)। टकोली में बीते सोमवार सुबह सड़क हादसे में घायल जलरक्षक का पीजीआई में उपचार चल रहा है। दूसरी तरफ पुलिस ने घायल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस बात का पता जब स्थानीय निवासी शिकायतकर्ता सुरजीत कुमार को चला तो उसने बुधवार को ग्रामीणों व पंचायत प्रधान सहित पुलिस चौकी पहुंचकर इसका कड़ा विरोध जताया। सुरजीत कुमार ने कहा कि न तो मैंने पुलिस को कोई बयान दिया कि यह दुर्घटना मेरी आंखों के सामने हुई है और न ही मैंने पुलिस को यह कहा कि घायल जल रक्षक दिनेश कुमार तेज गति से वाहन चला रहा था। मौके पर पहुंचे डीएसपी ऊना अजय ठाकुर ने पूछताछ की तो सुरजीत ने बताया कि जहां दुर्घटना हुई, उससे कुछ दूरी पर उनकी दुकान है। वह दुकान में अंदर थे। जब वाहन टकराने की आवाज सुनाई दी तो दुकान से बाहर निकलकर देखा कि दोनों वाहन सवार नीचे गिरे थे। दिनेश कुमार को गंभीर चोटें आई थी। दूसरे बाइक सवार आर्यन को भी मामूली चोटें आई। वे दोनों को अपनी गाड़ी में डालकर प्राथमिक उपचार के लिए सोहारी ले गए। जहां पर डॉक्टर ने उन्हें दिनेश कुमार को ऊना अस्पताल ले जाने की सलाह दी। दिनेश कुमार के परिजन भी कुछ समय बाद सोहारी पहुंच गए। उन्होंने दिनेश कुमार व उसके परिजनों को अपनी गाड़ी में बिठाकर ऊना अस्पताल पहुंचाया। सुरजीत सिंह ने बताया की जांच करने आई पुलिस टीम ने जब उनसे पूछा तो उन्होंने यही बताया था कि वह दुकान के अंदर थे और बाहर वाहनों के टकराने की आवाज आई। पुलिस की ओर से सरासर झूठ लिख दिया कि दिनेश कुमार तेज गति से वाहन स्कूटी चला रहा था।
टकोली पंचायत के उपप्रधान पंकज रणौत ने पुलिस पर सवालिया निशान खड़े होते करते हुए कहा कि कई मामलों के शिकायत पत्र पुलिस के पास पड़े रहते हैं और कोई कार्रवाई नहीं की जाती। इस केस में पुलिस को ऐसी क्या जल्दी थी कि जो जिंदगी और मौत की जंग पीजीआई में लड़ रहा है, उस लड़के पर पर्चा दर्ज कर लिया गया।
डीएसपी ऊना ने पूरा मामला सुनने के बाद सबसे पहले जांच अधिकारी को बदलकर चौकी प्रभारी जोल विनोद कुमार को खुद इस पूरे मामले की पड़ताल करने का जिम्मा सौंपा। उन्होंने दिनेश कुमार के परिजनों व सुरजीत सिंह को आश्वासन दिया कि पूरे मामले की जांच दोबारा की जाएगी और जो कार्रवाई बनती है वह की जाएगी।