जिलास्तरीय संस्कृत प्रतियोगिता का आयोजन 19 और 20 अगस्त को होगा
ऊना जिला में संस्कृत अध्यापकों के लगभग 40 फीसदी पर हैं खाली
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला अंब में 19 और 20 अगस्त को जिला स्तरीय संस्कृत प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता में जिलेभर के विद्यालयों को चयनित विद्यार्थियों को भाग दिलाने के निर्देश दिए गए हैं।शिक्षक संकट के बीच संस्कृत को यह प्रतियोगिता संजीवनी देगी। जिले में संस्कृत अध्यापकों के 40 प्रतिशत से अधिक पद खाली चल रहे हैं। ऐसे में प्रश्न उठता है कि विद्यार्थियों को प्रतियोगिता के लिए प्रशिक्षित कैसे किया जाएगा। जानकारी के अनुसार जिले के कई अच्छे विद्यालयों में भी संस्कृत शिक्षकों के पद रिक्त हैं। जिन स्कूलों में शास्त्री अध्यापकों की कमी है, उनमें जीएमएस लडोली, कुदेत, बढेड़ा, चलेट, सलोहबेरी, अभयपर, बड़ोह, अमरोह, धीर, भलोह, सतोथर, तलाई तथा जीएसएसएस समूरकलां, रायपुर मैदान, गोंदपुर जयचंद, दौलतपुर चौक, रायपुर, पिरथीपुर, देहलां, जखेड़ा सहित कई अन्य स्कूल शामिल हैं।जिले में कुल 275 वरिष्ठ माध्यमिक, उच्च और माध्यमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। संस्कृत विषय की पढ़ाई कक्षा छठी से आरंभ होती है, लेकिन अध्यापकों की कमी के चलते विद्यार्थी इस विषय को बीच में ही छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।
हिमाचल संस्कृत अकादमी करवा रही प्रतियोगिता
हिमाचल संस्कृत अकादमी के तत्वावधान में आयोजित यह प्रतियोगिता कक्षा छठी से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए होगी। इच्छुक विद्यार्थियों को 13 अगस्त तक गूगल फार्म के माध्यम से पंजीकरण करना होगा। संस्कृत गायन, भाषण, ओलंपियाड (एससीक्यू) आधारित प्रश्नोत्तरी, वैदिक मंत्रोच्चारण, श्लोक वाचन प्रतियोगिता करवाई जाएगी। गायन प्रतियोगिता में प्रत्येक विद्यालय से एक गायक और तीन पार्श्वगायक भाग लेंगे। वाद्य यंत्र लाना अनिवार्य होगा। गीत संस्कृत में होगा और उसकी अवधि 3 से 5 मिनट के बीच होनी चाहिए। भाषण प्रतियोगिता में प्रदेश में संस्कृत की वर्तमान स्थिति सहित विविध विषय शामिल होंगे। ओलंपियाड में बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे, जिसके लिए 90 मिनट का समय मिलेगा। श्लोक प्रतियोगता में एक गायक और दो पार्श्वगायक हिस्सा लेंगे। अवधि 3 से 5 मिनट होगी।
शिक्षकों की कमी को लेकर चिंता
जिला उच्च शिक्षा उपनिदेशक अनिल कुमार ने बताया कि सभी विद्यालयों को प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने माना कि कई स्कूलों में संस्कृत अध्यापकों के पद रिक्त हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार और उच्च अधिकारियों से निर्देश मिलते ही इन पदों को भरा जाएगा।