ऊना। सीटू जिला सचिव गुरनाम सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की मजदूर, कर्मचारी और जन विरोधी नीतियों के खिलाफ 16 फरवरी को सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) ऊना में रैली और हड़ताल करेगी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के हवा हवाई वायदों की पोल सबके सामने खुल चुकी है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अच्छे दिन लाने, महंगाई पर लगाम लगाने, सब के खाते में 15 लाख रुपये डालने, प्रति वर्ष दो करोड़ रोजगार देने, 40 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल देने, काला धन वापस लाने, 100 स्मार्ट सिटी बनाने, किसानों की आय दोगुनी करने, आम जनता के टैक्स में कटौती करने में नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि आजादी के पहले और बाद में, मजदूरों के संघर्षों एवं कुर्बानियां से बने 44 श्रम कानून को चार मजदूर विरोधी श्रम संहिताओं (लेबर कोड) में बदल दिया गया। इससे 74 फीसदी मजदूर सामाजिक सुरक्षा को कानून के दायरे से बाहर हो जाएंगे।
सीटू जिला सचिव गुरनाम सिंह ने मांगों को उठाते हुए कहा कि महंगाई पर रोक, खाद्य वस्तुओं दालों, रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल आदि की कीमतें सरकार कम करे। मनरेगा में 33 प्रतिशत कटौती वापस हो। मनरेगा में 120 दिन के रोजगार की गारंटी दें। मनरेगा में न्यूनतम दिहाड़ी 375 रुपये लागू की जाए। वजीफा, मेडिकल, मृत्यु, शादी, प्रसूति सहायता, पेंशन व अन्य आर्थिक लाभ जारी किए जाएं। मजदूर विरोधी चार लेबर कोड वापिस हों। बिजली का निजीकरण बंद किया जाए। स्मार्ट मीटर योजना वापस ली जाए। मजदूरों को 26000 न्यूनतम वेतन दी जाए। बैंक, बीमा, रेलवे, बिजली व अन्य सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण बंद किया जाए।