चिंतपूर्णी (ऊना)। विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता श्री चिंतपूर्णी में 11 से 20 अक्तूबर 2026 तक आयोजित होने वाले शारदीय नवरात्र मेले को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मेले के सफल आयोजन के लिए सोमवार को एसडीएम अंब पारस अग्रवाल की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई, जिसमें श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, यातायात, भीड़ प्रबंधन और स्वच्छता सहित विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पूरे चिंतपूर्णी क्षेत्र को चार सेक्टरों में बांटा जाएगा। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 400 पुलिस और होमगार्ड जवानों की तैनाती की जाएगी। एसडीएम अंब मेलाधिकारी तथा डीएसपी मेला पुलिस अधिकारी के तौर पर व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे। श्रद्धालुओं की लाइन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और अवैध रूप से लाइन में प्रवेश करने वालों पर रोक लगाने के लिए बैरिकेडिंग तथा नाकेबंदी के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। गेट नंबर 1 और 2 के आसपास भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात रहेगा। दुकानों के अंदर से निकलने वाले रास्तों को भी पूरी तरह बंद रखा जाएगा, ताकि भीड़ प्रबंधन में किसी तरह की परेशानी न हो। बैठक के दौरान एसडीएम ने भरवाईं चौक स्थित शौचालयों की मरम्मत एवं जीर्णोद्धार के लिए मंदिर अधिकारी को आवश्यक निर्देश जारी किए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नवरात्र मेले के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करेंगे।
मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ओल्ड बस स्टैंड और बाबा श्री माईदास सदन में निशुल्क दवा काउंटर स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर पीने के पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
मेले के दौरान स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन सख्त रहेगा। प्लास्टिक का प्रयोग करने वालों के चालान किए जाएंगे। वहीं खुले में सिगरेट और तंबाकू उत्पाद बेचने वालों पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाने के साथ सामान जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। मेले के दौरान दुकानों के लाइसेंस की भी जांच की जाएगी।
मुख्य सड़क पर लंगर लगाने पर रहेगा प्रतिबंध
प्रशासन ने मेले के दौरान मुख्य सड़क पर लंगर लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। निर्धारित स्थान पर लंगर लगाने वाली संस्थाओं को 10 हजार रुपये लंगर फीस तथा 10 हजार रुपये धरोहर राशि जमा करवानी होगी।