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Una News: बदलते मौसम ने फीकी की ऊना जिले की हरित क्रांति

Thu, 12 Mar 2026 06:26 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
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ऊना। जिला में बदलते मौसम का असर अब खेती पर साफ दिखाई देने लगा है। कभी हरित क्रांति के लिए पहचाने जाने वाले इस क्षेत्र में अब किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। एक ओर गैर सिंचित इलाकों में फसलें पानी के अभाव में मुरझा रही हैं तो दूसरी ओर जहां सिंचाई की सुविधा है, वहां लगातार गिरते भू जलस्तर ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। किसानों की मानें तो बीते एक दशक में भू जल तीन से पांच फीट तक नीचे जा चुका है। पुराने ट्यूबवेल के स्थान पर नए बोर कराने पड़े।
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किसानों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में मौसम के मिजाज में तेजी से बदलाव आया है। समय पर बारिश नहीं होने और तापमान में लगातार बढ़ोतरी के कारण खेती करना दिन-ब-दिन कठिन होता जा रहा है। जिले के जिन इलाकों में सिंचाई की सुविधा नहीं है, वहां फसलों की स्थिति अधिक खराब है। बारिश के अभाव में गेहूं और अन्य फसलें समय से पहले ही सूखने लगी हैं।
किसानों में रविंद्र कुमार, देसराज, कमलदेव, अजय कुमार, प्रेम चंद सहित अन्य का कहना है कि नए बोर करवाने में भारी खर्च आता है, जो हर किसान के लिए संभव नहीं है। ऐसे में कई किसान आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं।
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कृषि विशेषज्ञों का भी मानना है कि जलवायु परिवर्तन का असर अब खेती पर साफ दिखाई देने लगा है। ऐसे में पानी के संरक्षण और आधुनिक खेती के तरीकों को अपनाना जरूरी हो गया है।

उपनिदेशक जिला कृषि विभाग डॉ. प्रेम ठाकुर ने बताया कि फसलों के लिए समय पर बारिश होना जरूरी है। बारिश कम होने से भूजल में गिरावट संभावित है, लेकिन सटीक जानकारी इससे जुड़े विशेषज्ञों के पास होगी।
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