ऊना। जिले में बदलते मौसम के बीच चर्म रोग से संबंधित मामले बढ़ रहे हैं। इन दिनों क्षेत्रीय अस्पताल की चर्म रोग ओपीडी में रोजाना 50 से 60 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इन मरीजों में सबसे अधिक मामले स्केबीज और डैंड्रफ से संबंधित आ रहे हैं। सर्दी के मौसम में शरीर की साफ-सफाई की अनदेखी के कारण इस प्रकार से मामले सामने आ रहे हैं। त्वचा रोग विशेषज्ञों के अनुसार साफ-सफाई में लापरवाही के कारण त्वचा पर चकते, खुजली, दाद आदि के मरीज बढ़ रहे हैं। चर्म रोग विशेषज्ञ के अनुसार इन दिनों त्वचा में रूखापन आ जाता है। इसके चलते शरीर पर पपड़ी जमा हो जाती है, जिससे चकते बनते हैं। जब इन चकतों में खुजली होती है तो उससे संक्रमण फैलता है। सोमवार को क्षेत्रीय अस्पताल स्थित चर्म रोग ओपीडी के बाहर मरीजोंं की कतारें लगी रहीं।
ऐसे करें बचाव
कुछ लोग बिना धुले कपड़े लंबे समय तक पहने रखते हैं। इससे त्वचा में नमी की कमी आती है और रुखी हो जाती है। त्वचा को सूखने से बचाने के लिए उस पर तेल या क्रीम आदि लगानी चाहिए। हरी सब्जियों, मौसमी फलों के साथ-साथ पौष्टिक भोजन का प्रयोग करना चाहिए।
शरीर में नमी का रखें विशेष ध्यान : डॉ. खीमित
क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. खीमित जैन ने कहा कि ओपीडी में इन दिनों स्केबीज और डैंड्रफ से संबंधित काफी मामले सामने आ रहे हैं। मरीज देरी से उपचार के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे संक्रमण काफी बढ़ गया है। रोगी अस्पताल मेंं न आकर पहले केमिस्ट के पास जाते हैं, ऐसे में दिक्कत अधिक बढ़ती है। त्वचा में रूखापन भी सर्दियों में बढ़ जाता है। इसके लिए थिक मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करें।