ऊना। जिले में चोरी हुई बाइक बरामद करवाने के लिए एक सैनिक के पिता को पुलिस अधीक्षक के दरबार में गुहार लगानी पड़ी है। बंगाणा तहसील के दगड़ाह गांव निवासी रणजीत सिंह ने बुधवार को पुलिस अधीक्षक ऊना सचिन हिरेमठ को शिकायत सौंपकर बेटे की बाइक बरामद करवाने और मामले में उचित कार्रवाई की मांग की। उनका आरोप है कि घटना के डेढ़ महीने से अधिक समय बाद भी बाइक का कोई सुराग नहीं लगा है जबकि परिवार जांच में मदद के लिए अपने स्तर पर प्रयास कर चुका है।
रणजीत सिंह के अनुसार, छह सितंबर को चक्कसराय गुग्गा से उनके बेटे की बाइक चोरी हो गई थी। घटना वाले दिन ही बेटे ने 112 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करवाई। अगले दिन अंब पुलिस थाने में भी लिखित शिकायत दी गई लेकिन अब तक वाहन बरामद नहीं हुआ है। रणजीत सिंह ने बताया कि उनका बेटा भारतीय सेना में कार्यरत है। बाइक चोरी होने के बाद उसने जांच में सहयोग करने और वाहन का पता लगाने के लिए अपनी 15 दिन की छुट्टी तक बढ़वा ली।
शिकायतकर्ता ने बताया कि परिवार ने अपने स्तर पर प्रयास करते हुए ऊना तक की सीसीटीवी फुटेज एकत्रित की और उसे अंब थाना पुलिस को सौंपा, ताकि जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिल सके। इसके बावजूद बाइक बरामद नहीं होने से परिवार परेशान है। रणजीत सिंह ने सवाल उठाया कि जब पुलिस को मामले से जुड़े सुराग मिल चुके हैं तो उनके बेटे का वाहन अब तक क्यों नहीं मिला।
उन्होंने दावा किया कि करीब 20 दिन पहले डीएसपी अंब ने उन्हें थाने बुलाया था। वहां बताया गया कि बाइक चोरी के मामले में दो युवकों को पकड़ा गया, जबकि एक आरोपी बाहर है। रणजीत सिंह ने मांग की कि मामले की गंभीरता से जांच कर चोरी हुई बाइक जल्द बरामद की जाए।
रणजीत सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि 1100 हेल्पलाइन पर की गई शिकायत वापस लेने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक ऊना सचिन हिरेमठ ने बताया कि बाइक चोरी के मामले में जांच की जा रही है। पुलिस ने मुख्य आरोपी की पहचान कर ली है, जो गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस को चकमा दे रहा है। उन्होंने कहा कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।