निजी स्कूलों की कई बसों में मासूम जिंदगियों से खिलवाड़ हो रहा है। स्कूल बसों एवं अन्य वाहनों में चालक-परिचालक नियमों को दरकिनार कर चंद रुपयों के खातिर मासूमों की जान खतरे में डाल रहे हैं। हालत यह है कि स्कूल वाहनों में बच्चे ठूंस-ठूंस कर भरे जा रहे हैं। उपमंडल बंगाणा सहित अन्य स्कूलों के अधिकतर क्षेत्रों में यही हाल है। लठियाणी में सुबह-शाम इस तरह का खतरनाक खेल देखने को मिल रहा है।
स्कूली बसों एवं अन्य निजी वाहनों में नन्हे-मुन्हे बच्चों को ठूंस-ठूंस कर भरा जा रहा है। छात्रों के अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को लेकर जाना और वापस लेकर आने का पूरा किराया लिया जा रहा है। बच्चों को निजी स्कूल बसों में क्षमता से ज्यादा बैठाकर मालिक चांदी कूटने में लगे हैं। यहां तक कि कुछ एक स्कूल प्राइवेट नंबर वाहनों में भी बच्चों को भरकर नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
अभिभावकों एवं क्षेत्र के लोगों दिनेश कुमार, तरसेम लाल, स्वर्ण सिंह, भोली देवी, अंजना कुमारी तथा संजीव कुमार ने बताया कि स्कूल प्रबंधक को इसके बारे में कई बार अवगत करवाया है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे पहले स्कूल वाहन चालकों की लापरवाही के कारण बच्चों के साथ कई हादसे हो चुके हैं। थाना बंगाणा के प्रभारी त्रिलोक चंद ने कहा कि समय-समय पर चेकिंग के दौरान ओवरलोड बसों के चलान काटे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि खासकर स्कूल बसों में तो इस तरह की लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।