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हिमाचल प्रदेश: बल्क ड्रग पार्क के प्रदूषण की केंद्र तक होगी निगरानी, हर छह माह में देनी होगी रिपोर्ट

Fri, 11 Sep 2026 12:57 PM IST
Ankesh Dogra रविंद्र शर्मा, ऊना।

सार

ऊना के बल्क ड्रग पार्क में स्थापित होने वाले औषधि निर्माण उद्योगों को पर्यावरणीय नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। पर्यावरण मंजूरी की शर्तों के तहत उद्योगों को हर छह महीने में प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी अनुपालन रिपोर्ट केंद्रीय और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समेत संबंधित संस्थाओं को देनी होगी। पढ़ें पूरी खबर...
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बल्क ड्रग पार्क का नक्शा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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बल्क ड्रग पार्क में स्थापित होने वाले उद्योगों को उत्पादन के साथ पर्यावरणीय नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। बल्क ड्रग पार्क में संचालित होने वाले उद्योगों के प्रदूषण पर राज्य सरकार से लेकर केंद्र सरकार निगरानी रखेगी। पर्यावरण मंजूरी की मानक शर्तों के तहत उद्योगों की ओर से प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे उपायों की नियमित रिपोर्टिंग अनिवार्य की गई है।

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उद्योगों को हर छह माह में अनुपालन स्थिति और पर्यावरणीय निगरानी से जुड़े आंकड़े संबंधित पर्यावरणीय संस्थाओं को उपलब्ध करवाने होंगे। इससे पार्क में शुरू होने वाली औषधि निर्माण गतिविधियों से पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव की लगातार निगरानी होगी। पर्यावरण मंजूरी की शर्तों के अनुसार प्रत्येक उद्योग को वर्ष में दो बार यानी हर छह महीने में अपनी अनुपालन रिपोर्ट और निगरानी आंकड़े पर्यावरण मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को मुहैया करवानी होगी।

इससे यह भी स्पष्ट होगा कि उद्योग पर्यावरण मंजूरी में तय शर्तों को किस हद तक पूरा किया जा रहा है। बल्क ड्रग पार्क के पर्यावरणीय आकलन में वायु, शोर, पानी, मिट्टी और जैविक पर्यावरण को प्रमुख घटकों के तौर पर शामिल किया गया है।

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कंपनी की वेबसाइट पर भी दिखानी होगी स्थिति
बल्क ड्रग पार्क के मामले में पर्यावरणीय अनुपालन की जानकारी केवल सरकारी विभागों तक सीमित नहीं रहेगी। मंजूरी की शर्त के अनुसार पर्यावरण मंजूरी की प्रति और छह माह की अनुपालन रिपोर्ट कंपनी की वेबसाइट पर सार्वजनिक करनी होगी। इससे परियोजना में पर्यावरणीय शर्तों के पालन की स्थिति की जानकारी आम लोगों को भी मिल सकेगी। इसे अलावा उद्योगों को प्रत्येक  वित्तीय वर्ष के अंत यानी 31 मार्च को फोर्म-वी में पर्यावरणीय विवरण तैयार कर संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को देना होगा।

बल्क ड्रग पार्क के निर्माण को लेकर मिली पर्यावरण मंजूरी के दस्तावेज में बताया गया है कि पर्यावरण मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यहां स्थापित होने वाले उद्योगों के प्रदूषण के आंकड़ों की निगरानी करेंगे। -अंशुल धीमान, संयुक्त निदेशक उद्योग विभाग
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