बल्क ड्रग पार्क में स्थापित होने वाले उद्योगों को उत्पादन के साथ पर्यावरणीय नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। बल्क ड्रग पार्क में संचालित होने वाले उद्योगों के प्रदूषण पर राज्य सरकार से लेकर केंद्र सरकार निगरानी रखेगी। पर्यावरण मंजूरी की मानक शर्तों के तहत उद्योगों की ओर से प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे उपायों की नियमित रिपोर्टिंग अनिवार्य की गई है।
उद्योगों को हर छह माह में अनुपालन स्थिति और पर्यावरणीय निगरानी से जुड़े आंकड़े संबंधित पर्यावरणीय संस्थाओं को उपलब्ध करवाने होंगे। इससे पार्क में शुरू होने वाली औषधि निर्माण गतिविधियों से पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव की लगातार निगरानी होगी। पर्यावरण मंजूरी की शर्तों के अनुसार प्रत्येक उद्योग को वर्ष में दो बार यानी हर छह महीने में अपनी अनुपालन रिपोर्ट और निगरानी आंकड़े पर्यावरण मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को मुहैया करवानी होगी।
इससे यह भी स्पष्ट होगा कि उद्योग पर्यावरण मंजूरी में तय शर्तों को किस हद तक पूरा किया जा रहा है। बल्क ड्रग पार्क के पर्यावरणीय आकलन में वायु, शोर, पानी, मिट्टी और जैविक पर्यावरण को प्रमुख घटकों के तौर पर शामिल किया गया है।