मंदिर न्यास से नए शौचालयों के निर्माण की उठाई मांग
करोड़ों की आमदनी के बावजूद भरवाईं चौक उपेक्षित
पुराने शौचालयों ने बिगाड़ी व्यवस्था
अमन शर्मा
भरवाईं (ऊना)। चिंतपूर्णी क्षेत्र के भरवाईं चौक में स्थित मंदिर न्यास के शौचालयों की बदहाल स्थिति बरकरार है। अत्यधिक भीड़-भाड़ वाले इस प्रमुख स्थान पर शौचालयों की खराब हालत के कारण स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से शौचालय जर्जर अवस्था में हैं, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से न तो इनके सुधार की पहल की गई है और न ही नए निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि चिंतपूर्णी मंदिर न्यास को हर वर्ष करोड़ों रुपये की आमदनी होती है। इसके बावजूद भरवाईं चौक जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर साफ-सुथरे और आधुनिक शौचालयों की सुविधा उपलब्ध नहीं है। चौक पर दिनभर श्रद्धालुओं, दुकानदारों, यात्रियों और अन्य लोगों की आवाजाही बनी रहती है, ऐसे में बेहतर शौचालयों की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है।
मंदिर न्यास की ओर से पूर्व में बनाए गए शौचालय अब पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। बदबू, टूट-फूट, गंदगी और सफाई व्यवस्था के अभाव के कारण लोग इनका उपयोग करने से कतराते हैं। स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने उपायुक्त ऊना और मंदिर प्रशासन से मांग की है कि भरवाईं चौक पर जल्द से जल्द नए शौचालयों का निर्माण करवाया जाए।
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अंतरराष्ट्रीय हिंदू सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद शर्मा ने कहा कि भरवाईं में बने शौचालय पर्यटन विभाग की ओर से निर्मित किए गए थे, जिनकी देखरेख मंदिर न्यास के पास है। शौचालयों का टैंक काफी छोटा होने के कारण यह जल्दी भर जाता है। इस स्थान पर शौचालयों के पुनर्निर्माण को लेकर उपायुक्त ऊना और सरकार को पत्र लिखा गया है।
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छपरोह पंचायत के उपप्रधान संजय कालिया ने बताया कि भरवाईं स्थित शौचालयों की बदहाल स्थिति का मुद्दा कई बार मेले संबंधी बैठकों में उठाया गया, लेकिन अब तक समाधान न होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने प्रशासन से इस समस्या का शीघ्र समाधान करने की अपील की।
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पूर्व मंदिर ट्रस्टी निरंजन कालिया ने कहा कि भरवाईं चौक में कहीं भी उचित सार्वजनिक शौचालय की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसके चलते न केवल स्थानीय लोगों बल्कि श्रद्धालुओं को भी असुविधा का सामना करना पड़ता है।
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मंदिर अधिकारी अजय मंडयाल ने बताया कि यह समस्या उनके संज्ञान में है। शौचालयों का टैंक छोटा होने के कारण ही अव्यवस्था उत्पन्न होती है। इस स्थान पर नए सिरे से शौचालयों के निर्माण को लेकर उपायुक्त ऊना से बातचीत की जाएगी।