ठेकेदार मजदूरों को वेतन देने में असमर्थ, निर्माण और विकास कार्य पड़े ठप
बोले सुक्खू सरकार के खिलाफ षड्यंत्र रचकर अधिकारी कर रहे माहौल खराब
संवाद न्यूज एजेंसी
घनारी (ऊना)। हिमाचल प्रदेश में जल शक्ति और लोक निर्माण विभाग के ठेकेदारों को पिछले कई महीनों से भुगतान न किए जाने के कारण गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। नवंबर 2024 से ठेकेदारों के बिल ट्रेजरी में अटके हुए हैं। इससे वे अपने कर्मचारियों और मजदूरों को वेतन देने में असमर्थ हैं। इससे निर्माण और विकास कार्य ठप हो गए हैं और विकास पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
हिमाचल प्रदेश कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन की गगरेट इकाई के अध्यक्ष पंडित राम लुभाया ने बताया कि छोटा ठेकेदार हो या बड़ा, भुगतान में देरी के कारण अधिकतर ठेकेदार आवंटित कार्य नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि राज्य स्तर के अधिकारियों से लेकर उपमंडल स्तर के कुछेक अधिकारी सुक्खू सरकार के खिलाफ षड्यंत्र के तहत ठेकेदारों का भुगतान न कर प्रदेश के माहौल को खराब कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है ताकि ठेकेदारों और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधर सके और विकास कार्य पुनः प्रारंभ हो सकें। राम लुभाया ने कहा कि प्रदेश सरकार पर वर्तमान में 95 हज़ार करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है और केंद्र से मिलने वाली सहायता राशि में भी हर साल कमी हो रही है, जिससे राज्य सरकार की वित्तीय स्थिति पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में, ठेकेदारों को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि प्रदेश में विकास कार्यों की निरंतरता बनी रहे और ठेकेदारों एवं उनके कर्मचारियों के परिवारों की आजीविका सुरक्षित रह सके।