नीतिश शर्मा दुलैहड़ (ऊना)। बेहडला गोलीकांड मामले में अभियोजन पक्ष के 27 गवाहों की गवाही पूरी हो चुकी है। मामले में परमोध सिंह की गोली लगने से मौत हुई थी। हत्या का आरोप दूसरे पक्ष के आरोपी पर है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-प्रथम, ऊना की अदालत में चल रहे सत्र वाद में चश्मदीद गवाहों के बयान के साथ हथियार बरामदगी, पोस्टमार्टम, वैज्ञानिक जांच और मोबाइल कॉल विवरण से जुड़े साक्ष्य भी अदालत में पेश किए गए हैं।
मामले की पृष्ठभूमि जल शक्ति विभाग के काम से जुड़ी है। ठेकेदार ने अदालत में बताया कि विभाग ने 24 दिसंबर 2021 को बेहडला में पानी के पाइप बिछाने और तीन साल तक रखरखाव का ठेका दिया था। अक्तूबर 2023 में काम के लिए मजदूर भेजे गए थे। शाम को उसे मौके पर गोली चलने की सूचना मिली।
जिरह में उसने माना कि उसने घटनास्थल पुलिस को नहीं दिखाया था और मजदूरों के नाम भी उसे याद नहीं थे। शिकायतकर्ता गवाह ने अदालत में बताया कि आरोपी पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे। विवाद के दौरान पहले हवाई फायर हुआ और इसके बाद आरोपी ने परमोध सिंह पर गोली चला दी। गोली उसकी दाहिनी आंख के ऊपर लगी।
मृतक के बेटे मनोज राणा ने भी अदालत में कहा कि गोली चलने की आवाज सुनकर वह मौके पर पहुंचा। उसने आरोपी के हाथ में रिवॉल्वर देखी। उसके अनुसार इसके बाद आरोपी, मृतक और एक अन्य व्यक्ति ने उसे नीचे गिराकर मारपीट की। बचाव पक्ष ने उसकी मीडिया बातचीत की पेनड्राइव भी अदालत में पेश की। एक अन्य गवाह ने गोली चलने की घटना देखने और घायल को अपनी गाड़ी से अस्पताल ले जाने की बात कही।
मामले में दोनों पक्षों के बीच भूमि विवाद और पहले से चल रहे दीवानी मामलों का तथ्य भी सामने आया। अभियोजन की ओर से 27 गवाहों की गवाही पूरी होने के बाद अब अदालत में पेश मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी।