बैसाखी में सतलुज में डुबकी लगाते श्रद्धालु।
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बैसाखी को लेकर धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की खूब चहल-पहल रही। विभोर साहिब में भी श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। नंगल बाबा उद्धो मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। बैसाखी के उपलक्ष्य में मिठाई की दुकानें भी सजी हुई हैं।
वीरवार को हजारों श्रद्धालु विभोर साहिब और ब्रह्मोति में बैसाखी को लेकर पवित्र स्नान करने पहुंचे। कहा जाता है कि बैसाखी के दिन यहां स्नान करने से शरीर के रोग दूर हो जाते हैं। वहीं, कई चर्म रोगों से भी छुटकारा मिलता है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि महाभारत काल में पांडवों ने ब्रह्मोति मंदिर का निर्माण किया था। इस धार्मिक स्थल को मिनी हरिद्वार भी कहते हैं। अमृतसर से आए हरभजन सिंह, गुरनैब सिंह, अमृत कौर, जसवंत कौर, अमरजीत कौर, लुधियाना के जसपाल सिंह, बेअंत सिंह, गुरचरण, जितेंद्र सिंह, गुरदासपुर के दरबारा सिंह, छोटू, देसराज, गुरदयाल, खुशहाल सिंह आदि ने कहा कि वे ब्रह्मोति में पवित्र स्नान के बाद पीर निगाह में भी माथा टेकेंगे। उन्होंने कहा कि बैसाखी के मौके पर वे हर वर्ष धार्मिक स्थलों की यात्रा करते हैं।