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Una News: पीरनिगाह मंदिर को लेकर सड़कों पर उतरे बसोली के ग्रामीण

Sat, 08 Aug 2026 12:14 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
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ऊना। जिले के ऐतिहासिक एवं आस्था के प्रमुख केंद्र पीरनिगाह मंदिर के प्रबंधन और अधिकार को लेकर चल रहा विवाद अब सियासी और जनआंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को ग्राम पंचायत बसोली के सैकड़ों ग्रामीण जिला मुख्यालय पहुंचकर सड़कों पर उतर आए और मंदिर का प्रबंधन दोबारा पंचायत को सौंपने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान ऊना सदर के विधायक एवं भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती भी ग्रामीणों के समर्थन में पहुंचे। उन्होंने कांग्रेस के पूर्व विधायक सतपाल रायजादा पर मंदिर के मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया और जिला प्रशासन से निष्पक्षता बरतने की अपील की। सत्ती ने अधिकारियों को न्यायालय के आदेशों और नियमों के अनुरूप निर्णय लेने की नसीहत देते हुए कहा कि किसी भी राजनीतिक दबाव में काम नहीं होना चाहिए।
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ग्रामीणों का कहना कि वर्षों से मंदिर का संचालन ग्राम पंचायत द्वारा किया जाता रहा है और इसी व्यवस्था को यथावत रखा जाना चाहिए। प्रदर्शन में पहुंचे ऊना सदर के विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि पीरनिगाह मंदिर पिछले करीब 50 वर्षों से ग्राम पंचायत बसोली के प्रबंधन में है और इस संबंध में न्यायालय का निर्णय भी पंचायत के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि पंचायतों के भंग होने के दौरान प्रशासन ने अस्थायी रूप से मंदिर का प्रभार अपने पास लिया था, लेकिन नई पंचायत के गठन के बाद अब यह जिम्मेदारी पंचायत को वापस सौंपी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक सतपाल रायजादा द्वारा मंदिर के चढ़ावे को लेकर लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं।
वहीं, उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि पंचायत चुनाव संपन्न होने के बाद मंदिर का प्रभार पंचायत को सौंपने का विषय सरकार के समक्ष विचाराधीन है। इस संबंध में जिला प्रशासन ने अपनी रिपोर्ट सरकार को भेज दी है और सरकार के दिशा-निर्देश मिलते ही आवश्यक निर्णय लिया जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि बीडीओ द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में मंदिर की आय और संचालन व्यवस्था का उल्लेख किया गया है। फिलहाल किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि यदि प्रशासनिक व्यवस्था के तहत मंदिर का संचालन किया जाए तो आय और बेहतर ढंग से प्रबंधित की जा सकती है।
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