उपायुक्त यूनुस ने कहा कि बैंकर्स और विभिन्न विभागीय एजेंसियां जिले में सीडी अनुपात को बढ़ाने का प्रयास करें। डीसी ने कहा कि राष्ट्रीय मानक 60 प्रतिशत के मुकाबले कम से कम 40 प्रतिशत तक अनुपात बढ़ाने के लिए शीघ्र मिलकर प्रयास करें।
डीसी शनिवार को ऊना में जिला स्तरीय बैंक सलाहकार एवं समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र के समग्र विकास में बैंकों की अहम भूमिका रहती है। ऐसे में सभी बैंकर्स सरकार की विभिन्न सामाजिक योजनाओं के कार्यान्वयन पर ज्यादा बल दें। उन्होंने पीएनबी आरसेटी के माध्यम से युवाओं को दिए जाने वाले प्रशिक्षण के तहत सरकार की कौशल विकास भत्ता योजना को भी जोड़ने पर बल दिया। उन्होंने बैंक एवं विभागीय अधिकारियों को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं एकीकृत जलागम परियोजना के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों को पीएनबी आरसेटी के माध्यम से बुक कीपिंग का प्रशिक्षण भी देने के निर्देश दिए। उन्होंने आरसेटी के माध्यम से इलेक्ट्रीशियन और पलंबर का कम से कम एक महीने का कोर्स करवाने का सुझाव भी दिया। डीसी ने बैठक में न आने वाले बैंक अधिकारियों की जवाबतलबी करने के निर्देश भी दिए।
बैंकों ने बांटे 919.64 करोड़ के ऋण
इससे पहले पीएनबी अग्रणी बैंक के सर्किल प्रमुख सुबोध काला ने बैंकों की त्रैमासिक उपलब्धियों का ब्योरा देते हुए बताया कि जिले में वार्षिक ऋण योजना के निर्धारित लक्ष्य 766 करोड़ के मुकाबले 919 करोड़ 64 लाख के ऋण वितरित कर लक्ष्य से लगभग 120 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की है। प्राथमिकता क्षेत्र में भी निर्धारित लक्ष्य 691 करोड़ के मुकाबले 759 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए हैं। बैठक में जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक रवि कांत शर्मा ने बताया कि जिले में 40741 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत केसीसी कॉर्ड जारी हुए हैं, जबकि पिछले वर्ष दिसंबर 2015 माह तक जिले में 3283 स्वयं सहायता समूहों को बैंकों से जोड़ा गया है।
इस अवसर ये रहे मौजूद
इस अवसर जिला परिषद अध्यक्षा सोमा देवी भरवाल, पीएनबी बैंक के सर्किल प्रमुख सुबोध काला, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक विवेक पठानिया, आरबीआई के अधिकारी रमेश चंद, अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक रविकांत शर्मा, पीओ डीआरडीए राजेंद्र गौतम, उपनिदेशक उद्यान एमएस राणा, निदेशक आरसेटी आरसी डोगरा, हिमोत्कर्ष संस्था के अध्यक्ष कंवर हरि सिंह, बीडीओ जगदीश भभौरिया, डॉ. जयवंती ठाकुर सहित विभिन्न बैंकों और विभागों के अधिकारी तथा समिति के अन्य सरकारी और गैर सरकारी सदस्य उपस्थित थे।