ऊना। स्कूलों में बच्चों को सुरक्षित, पौष्टिक और संतुलित भोजन उपलब्ध करवाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने शिक्षा विभाग को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के खाद्य सुरक्षा एवं मानक (स्कूलों में बच्चों के लिए सुरक्षित भोजन और संतुलित आहार) विनियम, 2020 के तहत स्कूलों में खाद्य पदार्थों की बिक्री, कैंटीन के संचालन और मिड-डे मील की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा, ऊना की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि स्कूल परिसर में भोजन तैयार करने, परोसने या बेचने वाले सभी खाद्य कारोबारियों के पास नियमानुसार वैध पंजीकरण या लाइसेंस होना चाहिए।
स्कूलों में अधिक वसा, ट्रांस फैट, अतिरिक्त चीनी और सोडियम वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री और उपलब्धता पर लागू प्रतिबंधों का पालन करना होगा।
इसके अलावा स्टिंग और रेड बुल जैसे कैफीनयुक्त पेय पदार्थों, एनर्जी ड्रिंक और जंक फूड को बच्चों को बेचने की अनुमति नहीं होगी। निर्देशों के अनुसार, प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों के विज्ञापन, प्रचार और बिक्री संबंधी गतिविधियां स्कूल परिसर या स्कूल के मुख्य द्वार से किसी भी दिशा में 50 मीटर के निर्धारित दायरे में नहीं की जा सकेंगी।
स्कूल प्रबंधन को कैंटीन, रसोई, खाद्य स्टॉल और अन्य खाद्य सेवा केंद्रों की नियमित जांच और निगरानी के लिए उचित व्यवस्था करनी होगी ताकि खाद्य सुरक्षा के मानकों का पालन सुनिश्चित हो सके।
मिड-डे मील और पीएम पोषण योजना के तहत तैयार किए जाने वाले भोजन में भी खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और पोषण संबंधी मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा।
विभाग ने विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और कैंटीन संचालकों को संतुलित आहार, व्यक्तिगत स्वच्छता और अस्वास्थ्यकर खानपान की आदतों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया है।