ऊना। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा क्षेत्रीय अस्पताल के सभागार में जिला स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को तंबाकू सेवन से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी खतरों और इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना रहा।
जन शिक्षा एवं सूचना अधिकारी गोपाल कृष्ण ने बताया कि तंबाकू का किसी भी रूप में सेवन फेफड़ों की कार्यक्षमता को प्रभावित करता है और गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। उन्होंने कहा कि तंबाकू के सेवन से फेफड़ों के रोगों के अलावा हृदय रोग तथा मुंह, गला और फेफड़ों के कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
इस अवसर पर प्रतिभागियों को कोटपा एक्ट-2003 (सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम) के प्रावधानों की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना, नाबालिगों को तंबाकू उत्पाद बेचना, शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री करना तथा तंबाकू उत्पादों का विज्ञापन करना दंडनीय अपराध है।
कार्यक्रम में नंदा नर्सिंग संस्थान की प्रशिक्षु छात्राओं, आशा कार्यकर्ताओं तथा अन्य सदस्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने की शपथ दिलाई गई।