ऊना। जिले में बच्चों को एनीमिया से बचाने और समय रहते खून की कमी की पहचान करने के लिए स्वास्थ्य विभाग एनीमिया मुक्त अभियान चलाएगा। अभियान के तहत जिलेभर के स्कूलों में जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों में पहुंचने वाले बच्चों की भी स्वास्थ्य जांच की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सभी स्वास्थ्य खंड अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
स्कूलों में आयोजित होने वाले शिविरों के दौरान विद्यार्थियों को एनीमिया के कारण, लक्षण, बचाव और पौष्टिक आहार के महत्व के बारे में जानकारी दी जाएगी। बच्चों को बताया जाएगा कि शरीर में आयरन की कमी से थकान, कमजोरी, चक्कर आना और एकाग्रता में कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे लक्षण सामने आने पर समय रहते स्वास्थ्य जांच करवाने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। आंगनबाड़ी केंद्रों में छोटे बच्चों के स्वास्थ्य की जांच कर एनीमिया की स्थिति का पता लगाया जाएगा। जांच में खून की कमी पाए जाने पर बच्चों को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श और उपचार उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य बच्चों में एनीमिया की समय रहते पहचान कर उसका उपचार सुनिश्चित करना है। साथ ही बच्चों और अभिभावकों को खानपान के प्रति जागरूक कर आयरन एवं पोषक तत्वों से भरपूर आहार अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। स्वास्थ्य खंड अधिकारियों को अभियान के दौरान स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में गतिविधियों की निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
बच्चों का एनीमिया का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग जिले भर में विद्यालयों व आंगनबाड़ी केंद्रों में जांच अभियान शुरू करेगा। इसे लेकर स्वास्थ्य खंड अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
-डॉ. एसके वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी ऊना