ऊना। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विनोद धीमान ने कहा कि नशा निवारण अभियान में छात्र-छात्राओं को खुलकर आगे आना चाहिए। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ईसपुर में अमर उजाला की ओर से आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में एएसपी ने छात्राओं को घरेलू हिंसा, साइबर अपराध और नशे से बचने के प्रति जागरूक किया।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने ड्रग फ्री हिमाचल नाम की एप तैयार की है। इसमें सूचना देने वाले की पूरी जानकारी गुप्त रहती है। इसमें नशे का कारोबार करने वालों की गुप्त सूचना कभी भी दी जा सकती है।
उन्होंने कहा कि छात्राओं को आपात स्थिति से निपटने के लिए आत्मरक्षा के गुर सीखने चाहिए ताकि आपात स्थिति में यह उनके काम आ सके। उन्होंने कहा कि सरकारी स्तर पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई तरह की योजनाएं और सुविधाएं उपलब्ध हैं। किसी भी आपात स्थिति में 112 नंबर डायल करें। यह नंबर तुरंत रिस्पांस करता है। छात्राओं ने इस मौके पर विभिन्न सवाल किए।
परेशानी है तो साझा करें : शर्मा
प्रधानाचार्य आरके शर्मा ने छात्राओं से आह्वान किया कि किसी भी तरह की परेशानी हो तो अपने अध्यापक या परिजनों से बात को साझा करें। उन्होंने कहा कि अपराध को रोकने के लिए रिपोर्ट करना आवश्यक है। उन्होंने अपराजिता कार्यक्रम के लिए अमर उजाला और मुख्यातिथि का आभार जताया।
दूसरे के साथ अपराध में क्या करें
-छात्रा सलोनी ने पूछा कि अगर किसी और के साथ अपराध हो रहा हो तो क्या उसकी सूचना भी पुलिस को दी जा सकती है। एसएसपी विनोद धीमान ने कहा कि यह हरेक का नैतिक कर्तव्य भी है कि किसी के साथ गलत हो रहा हो तो उसकी सूचना पुलिस को दें।
महिला थाना की कार्यप्रणाली कैसी है?
-छात्रा अनु ने महिला थाना की प्रक्रिया के बारे में पूछा। एएसपी ने बताया कि हिमाचल सरकार ने कुछ जिलों में महिला थाना खोले हैं, जो महिलाओं से जुड़े मामलों को डील करते हैं। महिलाएं बेझिझक ऐसे थानों में अपनी शिकायत दे सकती हैं।
पुलिस रिश्वत ले तो क्या करें
पूजा देवी ने कहा कि अगर पुलिस कर्मी ही रिश्वत की मांग करें तो उन पर क्या कार्रवाई बनती है। मुख्यातिथि ने बताया कि प्रिवेंशन ऑफ क्रप्शन एक्ट 1988 के तहत ऐसे रिश्वत लेने वाले किसी भी कर्मचारी के खिलाफ सजा का प्रावधान है। विभाग भी अपने स्तर पर कार्रवाई करता है।
-नशा मुक्ति अभियान में पुलिस की क्या है भूमिका
छात्रा कोमल ने पूछा कि सरकार के नशा मुक्ति अभियान में पुलिस की क्या भूमिका है। एएसपी ने बताया कि इस अभियान में यूं तो सभी विभागों की जिम्मेवारी सुनिश्चित की गई है। चूंकि पुलिस का इस अपराध की रोकथम से सीधा नाता है, इसलिए पुलिस ने व्यापक अभियान छेड़ रखा है।