प्रदेश सरकार की ओर से निजी कंपनी के माध्यम से की ओर से अनुदान पर दिए जा रहे एलईडी बल्ब के वितरण में गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है। बंगाणा के लोगों का आरोप है कि उन्होंने सौ रुपये प्रति बल्ब की दर से पैसे जमा करवा कर बल्ब लिए, जबकि बिजली बोर्ड ने बिजली के बिलों में फिर से उनकी राशि समायोजित कर दी। इससे उपभोक्ताओं को तगड़ा झटका लगा है। अधिकांश लोगों के बिजली के बिलों में 60 रुपये से लेकर 120 रुपये तक की राशि समायोजित दर्शाई गई है।
बिजली के बढ़े हुए बिलों में अलग से दर्शाई गई राशि के बारे में विद्युत बोर्ड उपमंडल कार्यालय बंगाणा के एसडीओ से जानने पर पता चला कि सरकार की ओर से अनुदान पर दिए गए एलईडी बल्ब की कीमत की एक किस्त बिलों में समायोजित की गई है। ऐसे में लोगों ने बताया कि ये बल्ब उन्होंने पूरी कीमत सौ रुपये प्रति बल्ब के हिसाब से नकद राशि देकर लिए हैं। लिहाजा, इसमें किसी गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है।
विद्युत उपभोक्ता राज कुमार, अनिल कुमार, किशोरी लाल, पवन कुमार, तृप्ता देवी, उमा शर्मा, राज कुमार, उमेश कुमार, कुलदीप चंद, सरवण सिंह, बीरवल सिंह, पवन कुमार, रत्न चंद, सुखदेव सिंह, अजय कुमार, किशन चंद, निर्मल सिंह, वीना कुमारी, उषा रानी के अलावा अनेकों विद्युत उपभोक्ताओं ने बिजली बोर्ड से इसकी जांच करवाकर बिलों को दुरुस्त करने मांग की है। वहीं, एसडीओ विद्युत बोर्ड बंगाणा लेख राज शर्मा का कहना है कि जिस निजी कंपनी की ओर से इन एलईडी बल्बों का वितरण किया जा रहा है, उसने बिजली बोर्ड को लिस्ट दी है। इसके आधार पर बल्बों की किस्त ली जा रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोग उनके कार्यालय में आए थे, जिन्होंने बल्बों की पूरी राशि नकद अदा करने रसीद दिखाई है। इस मामले में कंपनी से संपर्क कर अगले माह किस्त नहीं जोड़ी जाएगी।