फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Una News: बांस के हुनर से चमका अजय का जीवन

विज्ञापन
बंगाणा क्षेत्र बैंबू से तैयार उत्पाद दिखाती  पूजा देवी।स्रोत स्वयं - फोटो : लहचूरा बांध के पांच फाटक खोलकर निकाला जा रहा पानी। संवाद
विज्ञापन
महिलाओं को भी दिखाई आत्मनिर्भरता की राह
विज्ञापन

हर महीने 50 से 60 हजार रुपये की हो रही कमाई
पर्यावरण और परंपरा दोनों से जुड़ा है सफलता का सफर

संवाद न्यूज एजेंसी

थानाकलां (ऊना)। उपमंडल की अरलू खास पंचायत के गांव दंगड़ू निवासी 43 वर्षीय अजय कुमार ने बांस से सुंदर और उपयोगी वस्तुएं बनाकर न केवल अपने जीवन को संवारा बल्कि गांव की कई महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने की राह दिखाई है। सोशल मीडिया की मदद से सीखे इस हुनर ने अजय को हर महीने 50 से 60 हजार रुपये तक की आमदनी का जरिया दे दिया है।
अजय कुमार और उनके सहकर्मियों की ओर से सजावटी शिप मॉडल, पेन स्टैंड, फूलदान, मंदिर मॉडल, टेबल लैंप, की-चेन, ईको-फ्रेंडली ब्रश आदि उत्पाद बनाए जा रहे हैं। होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई करने के बाद अजय ने विभिन्न क्षेत्रों में नौकरियां कीं लेकिन कोरोना लॉकडाउन के दौरान यूट्यूब के माध्यम से उन्होंने बांस के उत्पाद बनाना सीखा और यहीं से ‘जागृति बैंबू क्राफ्ट’ की नींव रखी गई। अजय को नाबार्ड की छह माह की परियोजना में काम करने का मौका मिला।
विज्ञापन

इस परियोजना के अंतर्गत उन्होंने 25 महिलाओं को बांस शिल्प का प्रशिक्षण दिया। अजय को विभिन्न मेलों और प्रदर्शनियों में स्टॉल लगाने के अवसर मिले, जिससे उनके उत्पादों को बाजार मिला। हाल ही में कुल्लू और मंडी में आयोजित मेलों में उन्होंने 10 दिन में 50,000 रुपये से अधिक का कारोबार किया। डीआरडीए और ग्रामीण विकास विभाग के सहयोग से अजय को लगभग दो लाख रुपये की मशीनरी भी प्रदान की गई, जिससे उनके उत्पादों की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ।
बंगाणा क्षेत्र में बांस की भरपूर उपलब्धता के कारण उन्हें कच्चा माल भी सुलभ रूप से मिल जाता है। अजय बताते हैं कि एक बांस से वे करीब 30 पेन स्टैंड तैयार कर लेते हैं। उनके उत्पादों की कीमत 30 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक है। ‘बैंबू इंडिया’ के सीईओ योगेश शिंदे भी अजय के कार्य से इतने प्रभावित हुए कि वे स्वयं उनके गांव पहुंचे और उनकी वर्कशॉप का निरीक्षण किया।
विज्ञापन

अजय की पत्नी पूजा भी उनके व्यवसाय में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। गांव की अंकिता, रजनी, ममता सहित कई महिलाएं अब अजय के साथ काम कर रही हैं और प्रतिमाह पांच से छह हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें