ऊना। जिले में कई जगह बिना लाइसेंस एवं लाइसेंसशुदा दुकानों में यूरिया की ब्लैक बिक्री हो रही है, लेकिन कृषि विभाग के अधिकारी किसानों के साथ हो रहे घोटाले को लेकर अनजान बने हुए हैं।
नियमानुसार कृषि विभाग के अधिकारियों के पास कृषि संबंधी दवाइयों एवं खाद बेचने वाली दुकानों के लापरवाही बरतने पर चालान काटने का अधिकार है, लेकिन विभाग इस मामले में सुस्त दिख रहा है। इसका खामियाजा जिले के किसानों को भुगतना पड़ रहा है। लाइसेंस पर चल रही दुकानों में यूरिया की बिक्री खुले में होने से किसानों को यह खाद आठ रुपये से नौ रुपये प्रति किलो में पड़ रही है, जोकि दुकान मालिकों को लेबर एवं गाड़ी का खर्चा डालकर 6.20 रुपये में पड़ रही है।
यूरिया खाद की खुले में बिक्री करना भारत सरकार की ओर से पूरी तरह से प्रतिबंधित है। अगर किसानों को खाद चाहिए तो यूरिया का एक बैग खरीदकर वे आपस में बांट सकते हैं। कई दुकानदारों के पास लाइसेंस न होने पर भी यूरिया खाद खुले में बेची जा रही है। जानकारी के अनुसार हिमफैड के ऊना भंडारण से यूरिया की 284.12 रुपये में 50 किलो का एक बैग प्रदान किया जाता है। जो किसानों को लाइसेंस पर चला रहे दुकानदार लेबर, गाड़ी का खर्चा आदि डालकर खाद का 50 किलो का बैग 310 रुपये में बेच रहे हैं। इससे 6.20 रुपये में पड़ने वाली खाद किसानों को आठ रुपये से नौ रुपये में पड़ रही है। जिले के किसानों को लूट रही इन दुकानों पर कृषि विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
दुकानों से रेट लिस्ट भी नदारद
जिले में कृषि संबंधी दवाइयां बेचने वाली इन दुकानों में कोई भी रेट लिस्ट नहीं लगाई गई है। इसके चलते किसानों को दवाइयों के उचित मूल्य का पता नहीं चल पाता और दुकानदार किसानों से मनमाने दाम वसूल रहे हैं। अगर कृषि विभाग इन दुकानों में मूल्य लिस्ट लगाने के निर्देश दें तो रेट लिस्ट लगाने से किसानों को उचित मूल्य पर दवाइयां एवं खाद मिल सकती है।
खुले में नहीं बेची जा सकती यूरिया : महाजन
हिमफैड के क्षेत्रीय प्रबंधक अनिल महाजन ने कहा कि किसी भी दुकान में यूरिया खाद को खुले में नहीं बेचा जा सकता। सरकार की ओर से इस पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है। अगर किसी छोटे किसान को यूरिया खाद चाहिए तो वह 50 किलो का एक बैग खरीदकर शेयर कर सकता है।
जल्द लगवाई जाएगी रेस्ट लिस्ट : केसी चंद
हिमफैड के एमडी केसी चंद ने बताया कि कृषि विभाग के ब्लॉक स्तर के संस्थानों में दवाइयों के मूल्य की लिस्ट लगा दी जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले में निजी दुकानों में रेट लिस्ट लगवाने का अधिकार जिला कृषि विभाग अधिकारी के पास है।