मंगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते रोजगार सेवक।
रोजगार सेवक संघ, कंप्यूटर ऑपरेटर यूनियन एवं स्वच्छ भारत मिशन कर्मचारियों की संयुक्त समन्वय समिति ने सोमवार को सरकार के खिलाफ जमकर हल्ला बोला। कर्मचारियों ने जिला मुख्यालय पर रोष रैली निकालते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। इसके बाद उपायुक्त यूनुस के माध्यम से मुख्यमंत्री को मांग पत्र भेजा गया। स
मिति पदाधिकारियों ने दो टूक कहा कि सरकारी कार्यों का बहिष्कार और आंदोलन मांगें न माने जाने तक जारी रहेगा। इसके लिए सरकार और विभाग जिम्मेदार होंगे। कंप्यूटर ऑपरेटर यूनियन के विशाल धीमान एवं ग्रामीण रोजगार सेवक संघ के अध्यक्ष संजीव कुमार ने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग में कार्यरत ग्राम रोजगार सेवक संघ, कंप्यूटर ऑपरेटर्स यूनियन एवं स्वच्छ भारत मिशन कर्मचारी विभाग में पिछले दस वर्षों से पूरी निष्ठावान से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन आज दिन तक सरकार ने कोई ठोस नीति नहीं बनाई। कर्मचारियों की नियुक्ति सरकार द्वारा जारी की गई अधिसूचना के माध्यम से हुई थी।
एक ओर सरकार विभिन्न विभागों में आउटसोर्स आधार पर कार्यरत कर्मचारियों को विभागों में समायोजित करने की घोषणा कर रही है और दूसरी ओर विभागीय अनुबंध पर कार्यरत कर्मचारियों के साथ पक्षपात करके सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के तमाम विकास खंडों में अनुबंध के आधार पर ग्राम रोजगार सेवक, कंप्यूटर ऑपरेटर एवं स्वच्छ भारत अभियान के तहत कार्यरत कर्मचारियों के लिए प्रदेश सरकार कोई स्थायी नीति बनाकर इन्हें नियमित करे, जिससे इनका शोषण बंद हो सके। समान काम के लिए समान वेतन दिया जाए। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।