ऊना में काले बिल्ले लगाकर प्रदर्शन करते चिकित्सक।
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डॉक्टरों पर आए दिन हो रहे हमलों के विरोध में चिकित्सकों ने मंगलवार को काले बिल्ले लगाकर रोष जताया। वहीं, अपनी मांगों को लेकर स्टाफ और रोगियों को भी जागरूक किया। क्षेत्रीय अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में चिकित्सकों ने अपने अपने कमरों में काले बिल्ले लगाकर ओपीडी देखी। एक दिन के अवकाश के बाद डॉक्टरों के काम पर लौटने से अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ी। चिकित्सकों ने देर दोपहर तक अपनी सेवाएं दीं।
जिला चिकित्सा संघ के अध्यक्ष डॉ. राहुल कतना, महासचिव पीयूष नंदा, कोषाध्यक्ष डॉ. हरसिमर ने कहा कि प्रदेश भर में चिकित्सकों ने मेडिपर्सन एक्ट के लिए एकजुटता दिखाई है। उन्होंने कहा कि 2015 से चिकित्सकों को इस मांग के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि दुख का विषय है कि प्रदेश सरकार ने चिकित्सकों के मांग पत्र पर कोई कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार चिकित्सकों की मांग को स्वीकार नहीं करती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की जान भी तो कीमती है, ऐसे में डॉक्टरों सहित पूरे स्टाफ की सुरक्षा के लिए इस कानून की मांग की जा रही है।
डॉ. पीयूष नंदा ने कहा कि सरकार को चिकित्सकों की एकता से सबक लेकर बिना देरी कानून बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सक संघ कहीं भी जनता को परेशान नहीं करना चाहता, इसलिए संघर्ष को शांतिपूर्वक ढंग से किया जा रहा है, जिससे लोगों को रोजमर्रा की चिकित्सा सुविधाएं मिलती रहें। इस अवसर पर डॉ. इंदु भारद्वाज, डॉ. रविंद्र मोहन, डॉ. विपिन शर्मा, डॉ. रमन कुमारी, डॉ. कपिल देव भरवाल, डॉ. अंशु आंगरा, डॉ. राजन आंगरा, डॉ. मुकेश, डॉ. रवि शर्मा, डॉ. सुनिधी कौशल, डॉ. सुभाष, डॉ. मुनीष सहित अन्य उपस्थित रहे।