फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Una News: सात साल बाद बॉय स्कूल के नए भवन में कक्षाएं शुरु होने का रास्ता खुला

विज्ञापन
विज्ञापन
आज मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू करेंगे नए भवन का उद्घाटन
विज्ञापन



बीते करीब पांच साल से नए भवन की राह ताक रहा ऊना का बॉय स्कूल


वर्तमान में कमरों की कमी के चलते दो सत्र में लग रहीं कक्षाएं

संवाद न्यूज एजेंसी

ऊना। कमरों की कमी से जूझ रहे ऊना शहर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक बाल (बॉय) स्कूल की नुहार बदलने वाली है। प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू सोमवार को 8.79 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित बाल स्कूल के नए भवन का उद्घाटन करेंगे। सात साल पहले इस भवन का निर्माण कार्य शुरू हुआ। यह स्कूल बीते कई सालों से कमरों की कमी से जूझ रहा है। स्कूल की नवनिर्मित भवन का लगभग कार्य पूरा हो चुका हैं। कुछेक सुधार के बाद एक सप्ताह के भीतर यहां कक्षाएं संचालित होना शुरू हो जाएंगी।
करीब सात साल पहले स्कूल के भवन का निर्माण कार्य शुरू हुआ। कुछ समय तेजी से कार्य चला और पांच साल में करीब 95 प्रतिशत तक पूरा कर लिया गया। बाकी बचा पांच फीसदी निर्माण कार्य ऐसा अटका कि दो साल से पूरा ही नहीं हुआ। बजट के अभाव में ठेकेदार ने निर्माण कार्य रोके रखा। इससे बाल स्कूल के मौजूदा भवन में कमरों की कमी बच्चों और अध्यापकों के लिए बड़ी समस्या बन गई। आलम यह हो गया कि दो सत्र में कक्षाओं का संचालन हो रहा। सुबह सात बजे स्कूल खुलता है और शाम पांच बजे तक करीब 10 घंटे पढ़ाई जारी रहती है। इसमें छठी से दसवीं तक पहले सत्र और ग्यारहवीं व बारहवीं कक्षा की दूसरे सत्र में कक्षाएं लग रहीं। इस बीच स्कूल प्रबंधन ने वार्षिक समारोह सहित अन्य मंचों पर भवन का निर्माण पूरा करने की गुहार लगाई। स्कूल प्रबंधन के प्रयास रंग लाए और सोमवार यानी आज नए भवन का उद्घाटन होने जा रहा है।
विज्ञापन


बॉक्स
वर्तमान भवन में असुविधाओं का आलम
बाल स्कूल ऊना में करीब 500 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं लेकिन मौजूदा भवन में मात्र 11 कमरे हैं। अध्यापकों के लिए कक्ष और कक्षाएं भी इन्हीं में संचालित हो रहीं। बच्चों की पढ़ाई बेहतर तरीके से चले, इसके लिए प्रबंधन ने एक कमरे के बीच अल्मारियां लगाकर उसमें दो कक्षाएं लगानी शुरू कर दीं। स्कूल में बच्चों की संख्या अच्छी है, इसलिए कई बार बच्चों को तंग होकर बैठना पड़ता है। डेस्क और बेंच जोड़कर चार-चार बच्चों का बैठना तो हर दिन की बात है।
विज्ञापन

स्कूल के नए भवन का उद्घाटन होने से स्कूल स्टाफ और विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिलेगी। अब बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए बेहतर प्रयास संभव होंगे। छिटपुट कमियों को दूर करने के उपरांत स्कूल का नया भवन ल्रू हो पाएगा।
सुरेंद्र कौंडल, प्रधानाचार्य, रावमापा बाल ऊना
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें