फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Una News: सरकारी स्कूलों के बाहर लगे हैं निजी स्कूलों के विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन
विभाग के निर्देश धरातल पर शून्य, सरकारी स्कूलों के परिसर में निजी संस्थानों के प्रचार पर है रोक
विज्ञापन



संवाद न्यूज एजेंसी

ऊना। जिले के कई सरकारी स्कूलों के बाहर निजी स्कूलों के विज्ञापन लगे होने की खबर शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा कर रही है। आश्चर्य की बात यह है कि विभाग ने पहले ही सरकारी परिसरों में किसी भी प्रकार के व्यावसायिक या निजी संस्थानों के प्रचार-प्रसार पर रोक के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इन आदेशों का कोई असर दिखाई नहीं दे रहा।
विज्ञापन

जानकारी के अनुसार जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित कई सरकारी स्कूलों की चहादीवारी, मुख्य द्वार और आसपास के सार्वजनिक स्थानों पर निजी स्कूलों के पोस्टर, होर्डिंग और बैनर लगे हुए हैं। इससे न केवल सरकारी स्कूलों की गरिमा प्रभावित हो रही है, बल्कि विभाग के अभियान जिसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाना और गुणवत्ता सुधारना है, को भी प्रत्यक्ष चोट पहुंच रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी स्कूलों के परिसर को पूरी तरह विज्ञापन-मुक्त रखा जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों और अभिभावकों में सकारात्मक संदेश जाए। इसके विपरीत स्कूलों के बाहर निजी संस्थानों का प्रचार अभिभावकों में यह संदेश देता है कि शायद सरकारी तंत्र अपने स्कूलों को लेकर गंभीर नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन समितियां और संबंधित प्रधानाचार्य इस मामले में अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखा रहे हैं। यदि समय रहते इन विज्ञापनों को हटाया जाता और जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती, तो स्थिति सुधारी जा सकती थी। लंबे समय से लगे ये विज्ञापन विभागीय लापरवाही की ओर इशारा कर रहे हैं। जिला शिक्षा विभाग के उपनिदेशक अनिल कुमार तक्खी ने कहा कि स्कूलों के औचक निरीक्षण में यह देखा जाएगा कि कहां ऐसी लापरवाही हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षण संस्थान प्रबंधक इस तरह की लापरवाही न बरतें। शिक्षा विशेषज्ञों ने विभाग से आग्रह किया है कि तत्काल प्रभाव से सभी ऐसे विज्ञापन हटवाए जाएं और भविष्य में पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए एक स्पष्ट निगरानी तंत्र स्थापित किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें