स्थानीय कॉलेज में रूसा सिस्टम के खिलाफ एबीवीपी कार्यकर्ताओं की क्रमिक भूख हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। दूसरे दिन इकाई सचिव कामेश और कार्यकर्ता शिवानी भारद्वाज भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। भूख हड़ताल पर बैठे परिषद के इकाई सचिव कामेश और शिवानी भारद्वाज ने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ है कि कॉलेज में प्रथम सेमेस्टर के करीब 98 प्रतिशत छात्र फेल हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि कॉलेज प्रबंधन भी इस विषय पर मौन धारण किए हुए है और छात्रों को मात्र आश्वासन ही दिए जा रहे हैं। इसके चलते छात्रों में आक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द इस विषय पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए तो विद्यार्थी परिषद प्रदेश स्तरीय आंदोलन छेड़ने पर विवश हो जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है, जो छात्रों की मांगो के अनुसार अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। उन्होंने कहा कि रूसा के तहत घोषित परिणाम से छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। उन्होंने बीएससी, बीकॉम तथा बीए के प्रथम सेमेस्टर का रिजल्ट सही ढंग से बनाकर घोषित करने की मांग की है, जिससे छात्रों को राहत मिल सके। इस अवसर पर परिषद के अविनीश, प्रिया, पूजा, ज्योति, अमृत, दीपा, विशेष कुमार, प्रीती, सौरभ, प्रिया सैणी, संदीप, रजनीश, मोनिका, बबलू सहित अन्य कार्यकर्ता और छात्र उपस्थित रहे।
एबीवीपी ने निकाली रोष रैली
दौलतपुर चौक (ऊना)। राजकीय महाविद्यालय दौलतपुर चौक में रूसा के तहत घोषित हुए प्रथम सेमेस्टर परीक्षा परिणाम में ज्यादातर विद्यार्थियों के फेल होने पर एबीवीपी भड़क गई है। एबीवीपी के पदाधिकारियों कोमल मिन्हास और पंकज डोगरा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कॉलेज गेट से बाजार से होते हुए रोष रैली निकाली। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रदेश विश्वविद्यालय के प्रति जमकर नारेबाजी की। इकाई अध्यक्ष कोमल मिन्हास ने कहा कि रूसा के नाम पर विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, जिसे एबीवीपी सहन नहीं करेगी। इस अवसर पर इकाई महासचिव जतिंद्र, दीपक, नीतिका, अपिति, साहिल, दीक्षा, अमित सहित अन्य उपस्थित रहे।