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Una News: ऊना काॅलेज में एबीवीपी और एनएसयूआई की भड़काऊ नारेबाजी, गरमाया माहौल

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एनएसयूआई के कैंपस महासचिव शेवेंद्र राणा। संवाद
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प्राचार्य कार्यालय के बाहर छात्र संगठनों के सदस्य हुए आमने-सामने
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एबीवीपी ने कहा, प्राचार्य कर रहीं भेदभाव, एक साथी का नहीं किया जा रहा विषय बदलाव
एनएसयूआई सदस्य बोले- बेवजह माहौल खराब किया जा रहा

राजकीय उत्कृष्ट महाविद्यालय ऊना में शुक्रवार को छात्रों के बीच तनावपूर्ण स्थिति
संवाद न्यूज एजेंसी

ऊना। राजकीय उत्कृष्ट महाविद्यालय ऊना में शुक्रवार दोपहर माहौल गरमा गया। एबीवीपी और एनएसयूआई से जुड़े छात्रों ने प्राचार्य कार्यालय के बाहर एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। दोनों संगठनों की ओर से भड़काऊ नारे लगाए जाने पर कॉलेज स्टाफ और सुरक्षाकर्मी बीच-बचाव के लिए मौके पर पहुंचे। इस दौरान प्राचार्य डॉ. मीता शर्मा भी वहां पहुंचकर छात्रों को शांत करने का प्रयास किया। एबीवीपी की ओर से प्राचार्य के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए गए, जिससे तनाव और बढ़ गया। जानकारी के अनुसार विवाद का कारण संस्थान प्रबंधन की कार्यशैली है। एबीवीपी का आरोप है कि प्राचार्य विषय परिवर्तन में भेदभाव कर रही हैं, जबकि एनएसयूआई का कहना है कि एबीवीपी जानबूझकर माहौल खराब कर रही है।
एबीवीपी के कैंपस सचिव सूर्य शर्मा ने कहा कि उनके एक सदस्य का विषय बदला नहीं जा रहा और एबीवीपी से जुड़ी लड़कियों को धमकाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्राचार्य केवल एबीवीपी छात्रों के साथ भेदभाव कर रही हैं।
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उधर, एनएसयूआई की कैंपस महासचिव शेवेंद्र राणा ने कहा कि एबीवीपी की नारेबाजी से माहौल बिगड़ रहा है। उनका कहना है कि प्राचार्य को टारगेट किया जा रहा है और कॉलेज की छवि धूमिल करने का प्रयास हो रहा है।
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प्राचार्य का बयान
डॉ. मीता शर्मा ने बताया कि जून में दाखिल हुए छात्रों के विषय बदलने की समय सीमा समाप्त हो चुकी है, जबकि ताजा दाखिल छात्रों के विषय बदले जा सकते हैं। उनका कहना है कि उनके लिए राजनीतिक संगठन मायने नहीं रखते और सभी छात्रों के साथ समान व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को कॉलेज में कार्यक्रम के दौरान नारेबाजी की सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचीं और तीन-चार छात्रों को बातचीत के लिए कार्यालय बुलाया, लेकिन उन्होंने बाहर ही नारेबाजी जारी रखी। डॉ. शर्मा ने कहा कि उनके नाम से नारेबाजी देखकर उन्हें दुख हुआ और छात्रों को अपनी गरिमा बनाए रखनी चाहिए।

एनएसयूआई के कैंपस महासचिव शेवेंद्र राणा। संवाद

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