मैहतपुर (ऊना)। दिन : सोमवार, सुबह 9:55 बजे। स्थान: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बसदेहड़ा। सभी डॉक्टर अपनी सीट पर बैठे नजर आए। मरीजों की लंबी कतार लगी हुई है। दांतों के मरीज भी अपनी बारी के इंतजार में हैं लेकिन जैसे ही 10 बजे, बत्ती गुल हो जाती है।
मरीजों के दांतों का इलाज ठप हो जाता है। आरसीटी आदि का काम वहीं रुक जाता है। क्योंकि सोमवार है और विद्युत बोर्ड ने 10 बजे से शाम 5 बजे तक पावर कट का एलान पहले से ही किया हुआ है। लिहाजा दिन भर डेंटल विभाग, टीकाकरण विभाग तथा अन्य कार्य जो बिजली के बिना नहीं हो सकते, वे सब ठप पड़ जाते हैं। इंजेक्शन रूम नंबर 115 में तो एक बल्ब को इनवर्टर से भी नहीं जोड़ा गया है, जिसके चलते इस कमरे में अंधेरा छा गया। स्टाफ मोबाइल की लाइट जलाकर मरीज के टेस्ट तथा टीका लगाने का काम करते नजर आए। कुछ मरीजों को बाहर बरामदे में बिठाकर भी इंजेक्शन लगाए गए।
अब करीब 10:50 बज चुके हैं और मरीजों का आना लगातार जारी है। कुछ नई पर्ची बनवाने के लिए कतार में लग रहे हैं तो कुछ दवाई लेने के लिए कतार में खड़े हैं। एक ही खिड़की पर पर्ची बनती है और वहीं दवाई भी मिलती है। इस काउंटर पर तैनात एक महिला कर्मी ने बताया कि स्टाफ की कमी है जिसके कारण पर्ची बनाने और दवाई देने के लिए एक ही काउंटर पर काम चलाया जा रहा है। इंजेक्शन रखने के लिए रेफ्रिजरेटर लगभग सात से आठ घंटे तक टेंपरेचर को मेंटेन रख पा रहे हैं। टेंपरेचर कम होने पर स्वत: ही इसका संदेश शिमला तक पहुंच जाता है।
दोपहर के करीब 11 बजे तक दांतों के चिकित्सक के पास मरीजों का आना जाना लगा रहा। मरीजों की जांच तथा दवाई देकर वापस भेजा जा रहा था। क्योंकि बिना बिजली के दांतों की आरसीटी तथा अन्य जांच नहीं हो पा रही थी। 11:10 बजे चड़तगढ़ निवासी प्रेमपाल रायजादा अपनी पुत्रवधू को इंजेक्शन लगवाने आए थे परंतु कमरा नंबर 115 में अंधेरे के चलते इंजेक्शन नहीं लग पा रहा था। सामने सीढ़ियों पर बैठकर यही सोच रहे थे कि आज इंजेक्शन लग भी पाएगा अथवा नहीं। एक महिला कर्मी ने बाहर बरामदे में आकर उनकी पुत्रवधू को इंजेक्शन लगाया। एक स्कूली छात्र की मोबाइल की लाइट जलाकर ड्रेसिंग की गई। गौर हो कि करोड़ों खर्च कर सीएचसी भवन बनाया गया है।
पूर्व जिप सदस्य पंकज सहोड़ ने कहा कि करोड़ों खर्च करके इतना बड़ा भवन बनाया गया है, लेकिन वर्तमान सरकार एक जनरेटर आज दिन तक नहीं लगा पाई है। ऊना अस्पताल के अलावा दूसरों अस्पतालों में जनरेटर सुविधा उपलब्ध नहीं है।
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सीएमओ ऊना एसके वर्मा ने कहा कि जिन सीएचसी में जनरेटर की सुविधा नहीं है, वहां की मांग बीएमओ के माध्यम से हमारे पास अगर आती है तो हम उसे उच्चाधिकारियों के पास भेज देते हैं। बसदेहड़ा से इस प्रकार की डिमांड पिछले दो साल से आई है, ऐसा मेरे ध्यान में नहीं है। आरकेएस में फंड हो तो वहां से भी जनरेटर खरीदा जा सकता है।