ऊना। एलपीजी गैस के सिलेंडर में किसी भी तरह का गोलमाल एजेंसियों और वितरकों को महंगा पड़ सकता है। उपभोक्ताओं को गैस डिलीवरी के समय किसी तरह के घपले की पुष्टि पर संबंधित एजेंसी का लाइसेंस भी रद हो सकता है। उपायुक्त अभिषेक जैन ने सोमवार को सार्वजनिक वितरण प्रणाली की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि उपभोक्ताओं को एक्सपायरी डेट व कम वजन के सिलेंडर वितरित किए जाने की कोई शिकायत उनके संज्ञान में आती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने विभिन्न खाद्य सुरक्षा कानूनों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ भी शिकंजा कसने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी यह सुनिश्चित करें कि उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से लोगों को समय पर अनाज मिले और उसकी गुणवत्ता भी ठीक हो। इसके अलावा उन्होंने सिलेंडर की डिलीवरी करते समय भार तोलने वाली मशीन भी साथ रखने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने गैस वितरित करने वाली गाड़ियों को एक जगह खड़ा न करके गांवों में विभिन्न स्थानों पर रुककर सिलेंडर वितरित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में डीसी ने गगरेट विधानसभा क्षेत्र के लोहारली गांव में नया राशन डिपो खोलने को भी मंजूरी प्रदान की। डीसी ने बताया कि जिला ऊना में 290 उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से 1 लाख 28 हजार 87 राशन कार्ड धारकों को विभिन्न योजनाओं के तहत किया जा रहा है। बैठक में एडीएम राजेश मारिया, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक लक्ष्मण कनैत, सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं रमेश जसवाल, केसीसी बैंक के एजीएम अशोक पुरी, डीपीआरओ गुरमीत बेदी व जिला परिषद की चेयरपर्सन रानी रणौत उपस्थित थीं।
पीडीएस पर हफ्तावार तलब होगी रिपोर्ट
उपभोक्ताओं को समय पर आवश्यक खाद्य वस्तुएं उपलब्ध करवाने के लिए सभी गोदामों से उचित मूल्य की दुकानों तक राशन पहुंचाने के लिए रूट चार्ट जारी किया गया है और इस बारे में साप्ताहिक रिपोट4 भी ली जा रही है कि जिन उचित मूल्य की दुकानों को आवश्यक वस्तुएं भेजी जानी थीं, वे उन दुकानों तक पहुंचीं या नहीं। डीसी ने बताया कि सितंबर तक का 90 फीसदी खाद्यान्न उपभोक्ताओं को डिलीवर किया जा चुका है और सिविल सप्लाई के गोदामों से अक्तूबर माह की खाद्य सामग्री भी लिफ्ट की जा चुकी है। सभी राशन ढोने वाली गाड़ियों पर पीडीएस सप्लाई बोर्ड लगाए जाने अनिवार्य कर दिए गए हैं।
इनसेट
175 मामलों में कारण बताओ नोटिस
डीसी ने पिछले कुछ माह के दौरान जिला में खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों द्वारा सराहनीय कार्य करने और खासकर पालीथिन के कैरी बैग पर कड़ाई से अंकुश लगाने की दिशा में उठाए गए कदमों की सराहना की। उन्होंने यह भी बताया कि विभाग द्वारा जिला में इस वर्ष जून से अक्तूबर तक कुल 890 निरीक्षण किए गए, जिनमें 175 मामलों में कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, 146 को चेतावनी दी गई और कुल 29 उचित मूल्यों की दुकानों को 1 लाख 13 हजार 68 का जुर्माना किया गया। खुले बाजार में निरीक्षण करने पर 73 सिलेंडर जब्त किए गए, जिनमें से 34 सिलेंडर पर 68 हजार रुपये का जुर्माना किया गया। जबकि बाकी पर कार्रवाई चल रही है।