ऊना। शहर के धर्मशाला-चंडीगढ़ मुख्य मार्ग पर पटाखों का बाजार लग गया है। बाजार के बीचों-बीच पटाखों की बिक्री से पूरा शहर एक तरह से बारूद के ढेर पर खड़ा है। मुख्य मार्ग पर आबादी के बीच पटाखे की बिक्री के स्टाल लगाना खतरे से खाली नहीं है। एक छोटी सी लापरवाही यहां कोई बड़ा नुकसान कर सकती है। वहीं पटाखा विक्रेता उपायुक्त के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
डीसी अभिषेक जैन ने 15 अक्तूबर को धारा 144 के तहत आदेश जारी किए थे कि बिना लाइसेंस पटाखे बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, उन्होंने चिन्हित स्थानों पर ही पटाखे लगाने की इजाजत दी है। सड़कों पर लगाए गए पटाखों के बाजार से आने-जाने वाले वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पटाखे की दुकानों पर इमरजेंसी के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। शहर में कई पटाखे विक्रेता बिना लाइसेंस धड़ल्ले से सड़कों पर पटाखे बेच रहे हैं। इस बात को लेकर प्रशासन भी चुप्पी साधे हुए है। सवाल यह उठता है कि क्या उपायुक्त के आदेश फाइलों के कागजों में ही सिमटकर रह गए हैं। जरा सी लापरवाही शहर में लाखों का नुकसान करवा सकती है। एक ओर विभाग सार्वजनिक स्थानों पर पटाखे लगाना निषेध कर रहा है। वहीं दूसरी ओर कारोबारी आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए बीच बाजार के पटाखों के स्टाल लगा रहे हैं।
उपायुक्त अभिषेक जैन का कहना है कि शहर के बीच पटाखों की बिक्री निषेध की गई है। अगर ऐसा है तो कार्रवाई की जाएगी।
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खुले स्थानों पर पटाखे बेचने के निर्देश
उपायुक्त द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक शहर के खुले स्थानों पर पटाखों की बिक्री के निर्देश जारी किए गए हैं। भीड़-भाड़ वाले और सार्वजनिक स्थानों पर पटाखे बेचने पर मनाही है।
क्या है सुरक्षा मैनुअल
जिला प्रशासन द्वारा पटाखों की बिक्री के लिए सुरक्षा मैनुअल जारी किया गया है। इसके तहत पटाखा विक्रेता को एक रेत की बाल्टी, पानी की बाल्टी और फायर डिसटिंग्यूशर रखने के निर्देश हैं। लेकिन शहर में यह सुरक्षा नाममात्र ही है।