अमर उजाला ब्यूरो
ऊना। जिले के निजी स्कूल प्रबंधन उच्चतर शिक्षा विभाग के निर्देशों की जमकर धज्जियां उड़ा रहे हैं। शिक्षा विभाग के बार-बार निर्देश के बाद भी जिले के 42 निजी स्कूलों ने विद्यार्थियों से ली जाने वाली फीस और उसके फंड की जानकारी शिक्षा विभाग को नहीं दी है। इससे शिक्षा विभाग भड़क उठा है।
शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों को पहले ही सचेत किया था कि अगर समय पर निजी स्कूल फीस और फंड की रिपोर्ट नहीं देते तो विभाग उनकी एनओसी रद्द करेगा और उन्हें ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाएगा। जिला ऊना में इस समय 96 निजी स्कूल हैं। इसमें से अभी तक मात्र 54 स्कूलों ने भी शिक्षा विभाग को फीस और फंड की पूरी जानकारी दे दी है। शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों को 6 मार्च शाम पांच बजे तक फीस और फंड की जानकारी उपलब्ध करवाने के लिए निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के बाद भी जिला ऊना से 42 निजी स्कूल अभी भी जानकारी देने को बाकी है। मंगलवार को 38 निजी स्कूलों ने रिपोर्ट शिक्षा विभाग को दी थी।
बुधवार को मात्र 16 स्कूल ने ही रिपोर्ट शिक्षा विभाग को दी है जो कि पिछले दिन से मुकाबले में आधी भी नहीं है। कई स्कूल ऐसे भी हैं जो शिक्षा विभाग की अपनी पूरी जानकारी नहीं दे रहे हैं। शिक्षा विभाग ने स्कूलों से वर्ष 2018-19 और 2019-20 की डिटेल मांगी थी। लेकिन कई निजी स्कूल या तो सत्र 2018-19 की रिपोर्ट दें रहे है या फिर 2019-20 की। इससे शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों की कार्यप्रणाली के खिलाफ काफी नाराजगी व्यक्त की है।
एनओसी रद्द करने के भेजे जाएंगे नाम : धीमान
उच्चतर शिक्षा उपनिदेशक बीआर धीमान ने बताया कि जिन स्कूलों ने वीरवार को भी फंड और फीस की रिपोर्ट शिक्षा विभाग को नहीं दी उनके नाम एनओसी रद्द करने के लिए शिक्षा निदेशालय शिमला को भेजे जाएगी। साथ ही उन स्कूलों की एनओसी भी रद्द कर दी जाएगी।