ऊना। हिमाचल प्रदेश व्यापार मंडल के राज्य अध्यक्ष सोमेश शर्मा, मदन लाल खुराना और राज्य महासचिव राकेश कैलाश ने कहा कि चाहे केंद्र सरकार एक वर्ष जीएसटी का पूरा होने को उपलब्धि करार दे रही हो, लेकिन हिमाचल का व्यापारी जटिल प्रक्रियाओं और सतौले व्यवहार के कारण परेशान है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने चुनावों में वायदा करने के बावजूद 6 महीनों में जीएसटी को लेकर प्रदेश के व्यापारियों को पेश आ रही समस्याओं के समाधान के लिए कोई उचित कदम नहीं उठाया है। हिमाचल का व्यापारी जीएसटी के कारण काम छोड़ने की कगार पर है। उन्होंने कहा कि आश्वासनों के ढेर पर व्यापारी को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। सोमेश शर्मा ने कहा कि एक साल बाद भी जीएसटी प्रक्रिया को सरल और सामान्य करने में सरकारें कामयाब नहीं हुई हैं। ऑनलाइन कंप्यूटर प्रणाली में कमी के चलते कई समस्याओं से दो चार होना पड़ रहा है। प्रदेश में व्यापारियों के लिए लिमिट कुछ और है जबकि हरियाणा, पंजाब, जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड में लिमिट अधिक है। प्रदेश में इसे बढ़ाने के आश्वासन लॉलीपॉप के रूप में तो मिले पर अभी तक कोई लिमिट नहीं बढ़ी है।
सोमेश ने कहा कि व्यापारियों को कहा था कि जीएसटी एक देश, एक कर और एक नीति में आ जाएगा, लेकिन ऐसा संभव नहीं हो पाया है। जीएसटी को लेकर अलग-अलग नीतियां काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जीएसटी को लागू करने में तो व्यापारियों ने पूरा सहयोग दिया लेकिन हिमाचल के व्यापारियों को उनका हक देने में सरकार आगे नहीं आई। उन्होंने कहा कि छोटे व्यापारियों के लिए जीएसटी आफत के जाल के समान है।